नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026
भारत सरकार ने उन्नत चिकित्सा तकनीकों के नियमन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Drugs Rules, 1945 में संशोधन किया है। नए संशोधन के तहत Cell Therapy, Stem Cell-Derived Products, Gene Therapeutic Products और Gene Transplant Products को अब Central Licensing Approval Authority (CLAA) के दायरे में शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे पूरे देश में इन अत्याधुनिक उपचारों के लिए एक समान नियामकीय व्यवस्था सुनिश्चित होगी और मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।
नए नियमों का दायरा बढ़ा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, संशोधित नियमों के तहत अब Cell एवं Stem Cell आधारित उत्पादों, Gene Therapy Products तथा Gene Transplant से जुड़े उत्पादों की लाइसेंसिंग और नियामकीय निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जाएगी। अब इन उत्पादों को CLAA फ्रेमवर्क के अंतर्गत लाकर केंद्र और राज्य स्तर पर संयुक्त नियामकीय निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे देशभर में गुणवत्ता, सुरक्षा और नियामकीय मानकों में एकरूपता आएगी तथा आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
![]()
Cancer समेत कई गंभीर बीमारियों में बढ़ रहा उपयोग
सरकार ने बताया कि Cell और Stem Cell आधारित उपचारों का उपयोग Leukemia, Lymphoma सहित कई प्रकार के Blood Cancer के इलाज में तेजी से बढ़ रहा है। वहीं Gene Therapy का उपयोग आनुवंशिक विकारों और विभिन्न प्रकार के Cancer के उपचार में किया जा रहा है। Gene Transplant Products का इस्तेमाल हृदय रोग और अस्थि रोग जैसी चिकित्सा प्रक्रियाओं में भी किया जाता है। इन अत्याधुनिक तकनीकों के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए इनके लिए मजबूत नियामकीय व्यवस्था आवश्यक मानी गई है।
मरीजों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ये तकनीकें अत्यंत जटिल और तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियामकीय निगरानी जरूरी है। नए संशोधन से उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही, वैज्ञानिक प्रगति और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भारत के नियामकीय ढांचे को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
![]()
Innovation को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार का कहना है कि यह संशोधन केवल नियमन को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा और Life Sciences क्षेत्र में Innovation को भी प्रोत्साहित करेगा। सरकार के अनुसार, इससे नई चिकित्सा तकनीकों को सुरक्षित रूप से अपनाने में सहायता मिलेगी और उन्नत उपचारों की उपलब्धता बेहतर बनाने की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विस्तृत संशोधन की अधिसूचना मंत्रालय की वेबसाइट और ई-गजट पर उपलब्ध कराई गई है।
NEET PG में बड़ा बदलाव: Exam Pattern बदलते ही बढ़ी उम्मीदवारों की चिंता…
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post