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बांग्लादेश में खसरे का कहर जारी: 24 घंटे में 5 और बच्चों की मौत, मृतकों की संख्या 666 पहुंची

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ढाका: बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप ने गंभीर रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों वाले 5 और बच्चों की मौत दर्ज की गई है। इसके साथ ही संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों में कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 666 हो गई है।   khasra देश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, हाल में दर्ज हुई सभी मौतें संदिग्ध खसरा मामलों की श्रेणी में रखी गई हैं। इस अवधि के दौरान खसरे से किसी भी पुष्टि किए गए मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है।

89 हजार से ज्यादा संदिग्ध मामले

बांग्लादेशी समाचार एजेंसी यूएनबी की रिपोर्ट के अनुसार, देश में अब तक 573 संदिग्ध और 93 लैब में पुष्टि किए गए मौत के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटों में 1,009 नए संदिग्ध मामले दर्ज किए गए, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 89,904 हो गई है। इसी दौरान 139 नए कंफर्म केस सामने आए हैं, जिसके बाद लैब में पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 10,773 तक पहुंच गई है।

हजारों बच्चे अस्पताल में भर्ती

15 मार्च से अब तक 74,184 बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 70,503 बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि चिंता का विषय बनी हुई है।

2005 के बाद सबसे बड़ा खसरा प्रकोप

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बांग्लादेश वर्ष 2005 के बाद अपने सबसे बड़े खसरा प्रकोप का सामना कर रहा है। 15 मार्च से 14 अप्रैल 2026 के बीच देश के 91 प्रतिशत जिलों में 19,161 संदिग्ध और 2,897 लैब में पुष्टि किए गए मामले दर्ज किए गए थे। इसी अवधि में 166 संदिग्ध मौतें भी रिपोर्ट हुई थीं। मई की शुरुआत तक स्थिति और गंभीर हो गई तथा संदिग्ध मामलों की संख्या 55,000 के करीब पहुंच गई, जबकि मौतों का आंकड़ा 400 के पार चला गया।

छोटे बच्चों पर सबसे ज्यादा असर

स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक, कुल संक्रमितों में 79 प्रतिशत बच्चे 5 वर्ष से कम आयु के हैं। वहीं 9 महीने से कम उम्र के शिशुओं में मृत्यु दर अपेक्षाकृत अधिक पाई गई है, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।

टीकाकरण में गिरावट बनी बड़ी वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकोप की सबसे बड़ी वजह टीकाकरण कवरेज में लगातार आई गिरावट है। फरवरी 2026 में किए गए जेनेटिक विश्लेषण में संक्रमण के लगातार फैलाव के संकेत मिले थे, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह संकट लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों का परिणाम है। बांग्लादेश कवरेज इवैलुएशन सर्वे 2023 के अनुसार, खसरे के टीके की पहली डोज कवरेज 2019 के 88.6 प्रतिशत से घटकर 86 प्रतिशत रह गई, जबकि दूसरी डोज कवरेज 89 प्रतिशत से गिरकर 80.7 प्रतिशत पर पहुंच गई।

करोड़ों बच्चे टीकाकरण से वंचित

रिपोर्ट के मुताबिक, टीकाकरण कवरेज में कमी के चलते करीब 1 करोड़ बच्चे खसरे की पहली डोज से वंचित रह गए हैं, जबकि लगभग 2 करोड़ बच्चों को दूसरी डोज नहीं मिल सकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि टीकाकरण अभियान को तेज नहीं किया गया तो आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।