कोच्चि: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल के कई स्थानों पर छापेमारी की है।
गुरुवार सुबह ईडी की टीमों ने कोच्चि के एक निजी अस्पताल सहित राज्यभर में पांच स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने कोल्लम में एक महिला के आवास पर भी छापा मारा है, जिस पर अंग तस्करी रैकेट में बिचौलिए की भूमिका निभाने का संदेह है।
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इसके अलावा अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर भी जांच की गई। इनमें कासरगोड का एक व्यक्ति भी शामिल है, जिसे पिछले महीने उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल की जांच
ईडी तलाशी के दौरान बरामद वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, इनवॉइस और अन्य अहम साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि अंग प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में भारी कमीशन लिया गया और इसके जरिए अवैध कमाई की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित नेटवर्क डोनर और रिसीपिएंट को जोड़ने, मेडिकल जांच की व्यवस्था कराने और प्रत्यारोपण प्रक्रिया को सुगम बनाने का काम करता था। इसके बदले में बिचौलियों द्वारा मोटी रकम वसूले जाने की आशंका जताई जा रही है।
पीएमएलए के तहत दर्ज हुआ मामला
ईडी ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध लेन-देन से अर्जित धन किन खातों में पहुंचा और इसका लाभ किन लोगों को मिला।
फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी जांच
जांच एजेंसी को संदेह है कि अंग प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए अस्पतालों के फर्जी लेटरहेड, नकली पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट तथा जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों वाले सिफारिश पत्रों का इस्तेमाल किया गया।
ईडी अब यह भी जांच कर रही है कि मेडिकल क्षेत्र में लागू सख्त सत्यापन प्रक्रियाओं के बावजूद ऐसे दस्तावेज किस प्रकार मंजूरी प्रक्रिया को पार करने में सफल रहे।
जांच जारी
फिलहाल ईडी की जांच जारी है और एजेंसी विभिन्न वित्तीय एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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