(प्रस्तुति : दीपक अरोड़ा/ Medical Reporter)
अहमदाबाद, 25 जून। उत्सव को सेवा में बदलने की अनूठी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अदाणी फाउंडेशन ने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के 64वें जन्मदिन के अवसर पर अदाणी फाउंडेशन ने 21 राज्यों, पांच केंद्र शासित प्रदेशों और चार अंतरराष्ट्रीय स्थानों में फैले 754 से अधिक शहरों, कस्बों और गांवों में राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान चलाकर रिकॉर्ड 52,306 यूनिट रक्त संग्रहित किया — जो पिछले साल के 28,090 यूनिट के आंकड़े को पीछे छोड़ता है।
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यह आंकड़ा महज एक संख्या नहीं, बल्कि हजारों जीवन बचाने की उम्मीद है। एकत्रित रक्त लगभग 23,538 लीटर के बराबर है, जिससे 1,56,918 से अधिक मरीजों को जीवनरक्षक रक्त घटक — होल ब्लड, पैक्ड सेल वॉल्यूम, प्लेटलेट कंसंट्रेट्स, प्लाज्मा, फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा, क्रायोप्रेसिपिटेट और एल्ब्यूमिन — उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
विशाल नेटवर्क, अटूट संकल्प
इस अभियान को 764 से अधिक ब्लड बैंकों के साथ मिलकर आयोजित किया गया, जिनमें रेड क्रॉस ब्लड बैंक, सरकारी अस्पताल और ट्रस्ट-संचालित ब्लड बैंक शामिल रहे।
6,000 से अधिक स्वयंसेवकों — जिनमें डॉक्टर, पैरामेडिक्स, डेटा ऑपरेटर और प्रशासनिक कर्मचारी शामिल थे — ने मिलकर इस अभियान को सुचारू और सफल बनाया।
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इस बार अभियान की पहुँच सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। श्रीलंका के कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल पोर्ट और तंजानिया के दार-एस-सलाम पोर्ट में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए गए।
सेवा ही साधना है” — प्रेरणा का स्रोत
अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने सोशल मीडिया पर इस सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान गौतम अदाणी के समाज सेवा में विश्वास को जीवंत करता है और हजारों मरीजों व उनके परिवारों को उम्मीद और ताकत देगा।
बोनस: उसी दिन ‘वंदे भारतम्’ का आगाज
जन्मदिन की सेवा-भावना यहीं नहीं रुकी। अपने 64वें जन्मदिन पर गौतम अदाणी ने ‘वंदे भारतम्’ नामक एक राष्ट्रीय पहल भी शुरू की, जो देश के जमीनी स्तर के नवोन्मेषकों और उद्यमियों को खोजने और समर्थन देने के लिए सभी 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और 800 से अधिक जिलों में राष्ट्रव्यापी खोज अभियान चलाएगी।
2011 से 2026 — एक सफर, बढ़ते कदम
यह अभियान 2011 में महज 1,300 यूनिट रक्त संग्रह से शुरू हुआ था और अब यह भारत के सबसे बड़े स्वैच्छिक रक्तदान अभियानों में से एक बन चुका है।
हर साल नया रिकॉर्ड
2024 में 25,282 यूनिट, 2025 में 28,090 यूनिट और अब 2026 में 52,306 यूनिट — यह दर्शाता है कि यह केवल एक कॉर्पोरेट कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है।
अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में देश के 22 राज्यों के 7,247 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामुदायिक विकास के जरिए 1.33 करोड़ लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है।
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दीपक अरोड़ा
(BAJMC,LLB)
पिछले छह वर्षों से प्रिंट, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं , सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक,स्वास्थ्य एवं समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग, स्पेशल रिपोर्ट , समीक्षा आदि विषयों पर कार्य करते हैं और तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।)
स्रोत: अदानी ग्रुप की प्रेस रिलीज से आउटपुट पर आधारित
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