नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के 51वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि AIIMS New Delhi पिछले 70 वर्षों से चिकित्सा नवाचार, रोगी देखभाल और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने बेहद किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हुए चिकित्सा के उच्चतम मानक स्थापित किए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने AIIMS को “विश्वास और दृढ़ता से बना एक मजबूत ब्रांड” बताया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान AIIMS की अग्रणी भूमिका ने इसकी वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूत किया।
हर साल 50 लाख मरीजों का इलाज, AIIMS ने बनाए नए मानक
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि AIIMS New Delhi हर वर्ष लगभग 50 लाख बाह्य रोगियों का इलाज कर रहा है और गरीब मरीजों तक भी सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि कई देशों की कुल आबादी भी इतनी नहीं है, जितने मरीजों का उपचार AIIMS हर साल करता है।
उन्होंने AIIMS के चिकित्सा विशेषज्ञों की सराहना करते हुए कहा कि यहां से जुड़े डॉक्टर और वैज्ञानिक देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में शीर्ष पदों पर कार्य कर रहे हैं।
Antarctica में दुनिया का पहला Remote Tele-Robotic Ultrasound
दीक्षांत समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने AIIMS की उस उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया जिसमें इस वर्ष AIIMS की टीम ने Antarctica के Maitri Research Centre में दुनिया का पहला लाइव Remote Tele-Robotic Ultrasound सफलतापूर्वक किया।
उन्होंने कहा कि लगभग 12,000 किलोमीटर दूर बैठकर भारतीय विशेषज्ञों ने AI आधारित रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग करते हुए यह साबित कर दिया कि अब भौगोलिक सीमाएं जीवन बचाने में बाधा नहीं बन सकतीं।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में Artificial Intelligence की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए भारत-फ्रांस Center for AI in Health की शुरुआत को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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Stanford की Top 2% Scientists List में AIIMS के 56 वैज्ञानिक शामिल
उपराष्ट्रपति ने AIIMS परिवार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि संस्थान से जुड़े कई विशेषज्ञों को वर्षों से Padma Awards से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि AIIMS New Delhi के 56 वैज्ञानिक Stanford University की 2025 की विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि देशभर में नए AIIMS संस्थानों की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा तक पहुंच मजबूत हुई है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां पहले बेहतर सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
“AIIMS केवल अस्पताल नहीं, अपने आप में एक Brand है” : जे.पी. नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि AIIMS New Delhi केवल एक अस्पताल या शैक्षणिक संस्थान नहीं बल्कि अपने आप में एक Brand बन चुका है।
उन्होंने कहा कि देशभर में उभर रहे नए AIIMS संस्थानों को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी अब AIIMS Delhi से निकले छात्रों और विशेषज्ञों पर भी है।
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2025-2029 के बीच 10,000 नई Medical Seats जोड़ने की घोषणा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार 2025 से 2029 के बीच देशभर में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने जा रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया गया है। देश में AIIMS संस्थानों की संख्या 7 से बढ़कर 23 हो चुकी है, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर लगभग 825 तक पहुंच गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि AIIMS में बुनियादी ढांचे और नए निर्माण कार्यों पर 2,800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
Research और Global Ranking में भी AIIMS की बड़ी उपलब्धि
जे.पी. नड्डा ने बताया कि AIIMS New Delhi इस समय 300 करोड़ रुपये की फंडिंग के साथ 900 से अधिक बाहरी अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इसके अलावा 150 से अधिक आंतरिक शोध परियोजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि QS World University Ranking में AIIMS New Delhi ने दो वर्षों में 145वें स्थान से छलांग लगाकर चिकित्सा क्षेत्र में 105वां वैश्विक स्थान हासिल किया है और अब संस्थान विश्व के Top-100 Medical Institutions में शामिल होने के करीब पहुंच गया है।
पांच वरिष्ठ चिकित्सकों को Lifetime Achievement Award
दीक्षांत समारोह के दौरान चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान में योगदान के लिए पांच पूर्व संकाय सदस्यों को Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. टी.पी. सिंह, डॉ. शशि वाधवा, डॉ. एस.सी. तिवारी, डॉ. आर.सी. डेका और डॉ. वी.एस. मेहता शामिल रहे।
523 छात्रों को प्रदान की गईं डिग्रियां
समारोह में MBBS, Nursing, Super Speciality, Doctoral और Allied Health Sciences सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 523 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। साथ ही मेधावी छात्रों को 18 पदक, पुस्तक पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण पत्र भी दिए गए।
कार्यक्रम में AIIMS New Delhi के निदेशक प्रो. निखिल टंडन, डीन प्रो. राधिका टंडन, रजिस्ट्रार प्रो. गिरिजा प्रसाद रथ, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
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