स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अस्पताल परिसरों में ऐसे स्थान चिह्नित करें, जहां तुरंत क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB in Delhi Govt Hospital) स्थापित किए जा सकें।
300 से अधिक डायलिसिस मशीनें होंगी स्थापित
मंत्री सिंह ने कहा कि इन ब्लॉक्स (CCB in Delhi Govt Hospital) से आपातकालीन तैयारियों को मजबूती मिलेगी और उन्नत जीवन रक्षक सेवाओं तक मरीजों की पहुंच बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल न जाना पड़े, इसके लिए डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाकर 300 से अधिक की जाएगी।
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मानसून से पहले दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “दिल्ली के किसी भी सरकारी अस्पताल में दवा की कमी नहीं होनी चाहिए। इमरजेंसी खरीद प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जाए।”
HIMS में सभी अस्पतालों का पंजीकरण अनिवार्य
सभी सरकारी अस्पतालों को जल्द से जल्द हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) के तहत पंजीकरण पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दिल्ली में बनेंगे मॉडल हेल्थ लैब
राजधानी में उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही मॉडल हेल्थ लैब स्थापित करेगी, जहां आम जनता के लिए आवश्यक डायग्नोस्टिक टेस्ट की सुविधा होगी।
हर जिले में बनेंगे ब्रेन हेल्थ क्लिनिक
मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार की दिशा में मंत्री सिंह ने बताया कि द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल की तर्ज पर सभी जिलों में ‘ब्रेन हेल्थ क्लिनिक’ की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि द्वारका का ब्रेन हेल्थ क्लिनिक जनता से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहा है। हम इस मॉडल को पूरे शहर में लागू करना चाहते हैं ताकि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समय रहते उपचार हो सके।

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