नई दिल्ली, 15 मई
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में उठे विवाद के बीच प्रख्यात शिक्षाविद Anand Kumar ने केंद्र सरकार से National Testing Agency (NTA) की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों की “जड़” तक पहुंचना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि इससे छात्रों का परीक्षा प्रणाली और सरकार दोनों पर विश्वास कमजोर हो रहा है।
NEET 2026 पेपर लीक को लेकर NTA पर उठाए सवाल
Super 30 पहल के संस्थापक आनंद कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि परीक्षा से कई दिन पहले ही प्रश्नपत्र “गेस पेपर” के रूप में छात्रों तक पहुंच गए थे। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कहीं न कहीं NTA की लापरवाही इसके लिए जिम्मेदार दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि यह जांच होनी चाहिए कि आखिर प्रश्नपत्र बार-बार कैसे लीक हो रहे हैं और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
“माफिया और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच हो”
आनंद कुमार ने दावा किया कि रिपोर्ट्स के अनुसार पेपर लीक मामलों में प्रभावशाली लोगों और माफिया की भूमिका सामने आ रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अगर इस समस्या की जड़ तक नहीं पहुंचा गया तो छात्रों का भविष्य लगातार प्रभावित होता रहेगा।
“शिक्षा अब व्यापार बनती जा रही है”
शिक्षाविद ने देश में तेजी से बढ़ रहे कोचिंग सेंटरों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा धीरे-धीरे व्यापार का रूप ले चुकी है और कुछ लोग इससे करोड़ों रुपए कमा रहे हैं।
आनंद कुमार के मुताबिक, कुछ संस्थान “गेस क्लास” और “गेस पेपर” के नाम पर छात्रों को भ्रमित करते हैं और इसी माध्यम से प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कोचिंग सेंटरों को लेकर बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों की मानसिक स्थिति पर जताई चिंता
आनंद Kumar ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में छात्रों और उनके माता-पिता की मानसिक स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों और मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि छात्रों को घबराने की बजाय इसे सुधार का अवसर समझना चाहिए। साथ ही यह भी सीखना जरूरी है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
पुनर्निर्धारित परीक्षा की तैयारी पर दिया जोर
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे नकारात्मकता से दूर रहें और पुनर्निर्धारित परीक्षा के लिए पूरी मेहनत से तैयारी करें। आनंद कुमार ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में छात्रों को प्रेरित करना शिक्षकों का कर्तव्य है।

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