Saharanpur में थोक Drug License के सत्यापन का काम औषधि निरीक्षक के निलंबन के बाद बीच में अटक गया है। शासन के निर्देश के तहत जिले के सभी थोक Drug License धारकों का सत्यापन किया जाना है और यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए थोक Drug License जारी किए जाएंगे। अब तक करीब 200 लाइसेंस का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 1500 से अधिक लाइसेंस का सत्यापन अभी बाकी है। औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा के निलंबन के बाद फिलहाल न तो नई तैनाती हुई है और न ही किसी अन्य औषधि निरीक्षक को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इससे नए Drug License के लिए इंतजार कर रहे आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है।
1500 से अधिक लाइसेंस का सत्यापन बाकी
Saharanpur जिले में थोक Drug License के सत्यापन की प्रक्रिया शासन के निर्देश के बाद शुरू की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक करीब 200 थोक Drug License का सत्यापन पूरा किया जा चुका है, लेकिन 1500 से अधिक लाइसेंस अभी जांच के दायरे में हैं। इन सभी लाइसेंस का सत्यापन पूरा होने के बाद ही नए थोक Drug License जारी किए जाने हैं। ऐसे में सत्यापन प्रक्रिया का रुकना नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले दवा कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण समस्या बन गया है। विभागीय स्तर पर फिलहाल नई नियुक्ति या वैकल्पिक जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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औषधि निरीक्षक के निलंबन से बनी स्थिति
औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा को आगरा में तैनाती के दौरान मेडिकल एजेंसियों और दवा फर्मों की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में शासन ने निलंबित किया था। रिपोर्ट के अनुसार शासन ने माना कि आगरा में सरकारी दायित्वों का निर्वहन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब कपिल शर्मा सहारनपुर में औषधि निरीक्षक के पद पर तैनात थे। उनके निलंबन के बाद सहारनपुर में थोक Drug License के सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। सहायक आयुक्त औषधि नरेश मोहन दीपक ने बताया कि कार्रवाई आगरा के एक प्रकरण से संबंधित है और जिले में अभी नई तैनाती नहीं हुई है।
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नई तैनाती का इंतजार, लाइसेंस आवेदकों की बढ़ी मुश्किल
विभागीय स्थिति के अनुसार थोक Drug License का सत्यापन पहले से चल रहा था, लेकिन औषधि निरीक्षक के निलंबन के बाद प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अभी तक किसी नए औषधि निरीक्षक की तैनाती नहीं की गई है और न ही किसी दूसरे अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसका सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ रहा है जिन्हें नया थोक Drug License प्राप्त करना है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि लंबित सत्यापन पूरा होने के बाद ही नए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। ऐसे में बाकी 1500 से अधिक लाइसेंस का सत्यापन पूरा होना आगे की लाइसेंस प्रक्रिया के लिए अहम माना जा रहा है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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