नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026
देशभर में Paper Leak मामलों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Union Cabinet ने परीक्षा में धांधली और Paper Leak के दोषियों के खिलाफ अधिक सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से नए Bill को मंजूरी दे दी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तावित कानून को जल्द ही Parliament में पेश किया जा सकता है। Bill का उद्देश्य मौजूदा कानूनी ढांचे को और मजबूत बनाना है ताकि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़े और संगठित तरीके से होने वाले Paper Leak पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा और दोषियों के खिलाफ तेज़ तथा कठोर कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।
Fast-Track Courts और कड़ी सजा पर रहेगा जोर
प्रस्तावित Bill में Paper Leak मामलों की सुनवाई तेज़ करने के लिए Fast-Track Courts जैसी व्यवस्था शामिल किए जाने की संभावना है। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ मौजूदा कानून की तुलना में और कड़े दंड का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे परीक्षा में संगठित धोखाधड़ी करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इससे पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi भी Paper Leak मामलों में त्वरित सुनवाई और कठोर सजा की आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं। सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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मौजूदा कानून से आगे बढ़ाने की तैयारी
वर्तमान में Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 लागू है, जिसके तहत संगठित Paper Leak और परीक्षा में अनुचित साधनों के मामलों को संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य अपराध बनाया गया है। इस कानून में अपराध की प्रकृति के अनुसार तीन से दस वर्ष तक की सजा और बड़े आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है। अब सरकार नए Bill के जरिए इन प्रावधानों को और अधिक प्रभावी बनाने, सजा को कठोर करने तथा मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में अतिरिक्त कानूनी व्यवस्था करने की तैयारी में है। हालांकि Bill का अंतिम मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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Paper Leak विवाद के बीच आया फैसला
सरकार का यह कदम हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर NEET से जुड़े कथित Paper Leak मामलों को लेकर उठे विवाद और छात्रों की चिंताओं के बीच सामने आया है। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। प्रस्तावित Bill को Parliament में पेश किए जाने के बाद इसके प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
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आर. पी. अरोड़ा
सीनियर जर्नलिस्ट
तीन दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय आर. पी. अरोड़ा राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और समसामयिक विषयों के अनुभवी विश्लेषक हैं। खोजी रिपोर्टिंग और जमीनी मुद्दों पर उनकी पैनी नजर उन्हें एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।
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