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MBBS Certificate पर Gauhati High Court का बड़ा फैसला, क्या लंबित Criminal Case बन सकता है रोक?

खबर का सार

Gauhati High Court ने कहा कि केवल Criminal Proceedings लंबित होने के आधार पर MBBS Pass Certificate को अनिश्चितकाल तक रोका नहीं जा सकता। कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज को प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया।

Gauhati High Court

गुवाहाटी, असम, 22 जून 2026

Gauhati High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल Criminal Proceedings लंबित होने के आधार पर किसी छात्र का Final MBBS Pass Certificate अनिश्चितकाल तक रोका नहीं जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब किसी उम्मीदवार ने MBBS Course, अनिवार्य Internship पूरी कर ली हो और उसे संबंधित प्राधिकरण से Registration भी मिल चुका हो, तब केवल मामले के लंबित होने को प्रमाणपत्र रोकने का वैध आधार नहीं माना जा सकता। अदालत ने संबंधित मेडिकल कॉलेज को छात्रा का Original Final MBBS Pass Certificate निर्धारित अवधि में जारी करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दोष सिद्ध होने से पहले केवल Criminal Case के लंबित रहने के आधार पर उसके शैक्षणिक अधिकारों को अनिश्चितकाल तक सीमित नहीं किया जा सकता। अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता ने MBBS Course और Internship सफलतापूर्वक पूरी की थी तथा उसे Medical Registration भी प्रदान किया जा चुका था। ऐसे में Final MBBS Pass Certificate जारी न करना उचित नहीं माना जा सकता।

Admission से जुड़ा था मामला

याचिकाकर्ता का Admission कई वर्ष पहले हुए एक विवाद से जुड़ा था, जिसके संबंध में Criminal Proceedings लंबित हैं। हालांकि, अदालत ने यह भी नोट किया कि सरकारी आदेशों के तहत छात्रा को अपनी पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दी गई थी। उसने MBBS Course पूरा किया, Internship समाप्त की और बाद में संबंधित Medical Registration भी प्राप्त कर लिया। इसके बावजूद उसे Original Final MBBS Pass Certificate जारी नहीं किया गया था, जिसके खिलाफ उसने अदालत का रुख किया।

Certificate जारी होगा, लेकिन Case के परिणाम पर रहेगी निर्भरता

High Court ने मेडिकल कॉलेज को दो महीने के भीतर Original Final MBBS Pass Certificate जारी करने का निर्देश दिया। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्र जारी करने और योग्यता की मान्यता का लाभ संबंधित Criminal Case के अंतिम परिणाम के अधीन रहेगा। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को छात्रा के Registration Records को नियामक प्राधिकरण के रिकॉर्ड में अपडेट करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।