नई दिल्ली, 18 जुलाई 2026 (PIB)
देश में Disease Surveillance को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उभरते सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक का समापन किया। 16-17 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI Framework) को अपनाने पर सहमति जताई। साथ ही केंद्र और राज्यों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की मासिक समीक्षा करने का भी निर्णय लिया।
Disease Surveillance को मजबूत करने पर जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य Disease Surveillance प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना, डेटा आधारित प्रशासन को बढ़ावा देना और महामारी जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारियों को मजबूत करना रहा। समीक्षा के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति प्रस्तुत की। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, प्रदर्शन मूल्यांकन और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए KPI आधारित व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी।
यह भी पढ़ें: DMLT Course: NCAHP ने जारी किया नया Competency-Based Curriculum, 2027-28 से होगा अनिवार्य
![]()
![]()
इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा
दो दिवसीय बैठक में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP), Antimicrobial Resistance (AMR), महामारी की तैयारी, National Rabies Control Programme, Leptospirosis Prevention and Control Programme, National Snakebite Envenoming Prevention Programme, Disaster Management, Field Epidemiology Training Programme (FETP), जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य से जुड़ी पहल तथा रासायनिक विषाक्त पदार्थों के लिए राष्ट्रीय जैव-निगरानी कार्यक्रम शामिल रहे। राज्यों ने इन कार्यक्रमों के अनुभव, चुनौतियां और बेहतर कार्यप्रणालियां भी साझा कीं।
![]()
![]()
हर महीने होगी Performance Review
बैठक में केंद्र सरकार और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने तय किया कि निर्धारित KPI Framework के आधार पर प्रत्येक महीने कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसका उद्देश्य कार्यान्वयन में आने वाली कमियों की समय रहते पहचान करना और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना है। साथ ही SPOT टीमों के निरीक्षण से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर राज्यों ने रोग निगरानी प्रणाली और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह पहल देश में अधिक उत्तरदायी, लचीली और डेटा आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
यह भी पढ़ें: Ayushman Bharat: 1.91 लाख करोड़ के Cashless Treatment के बाद क्या होगा अगला कदम?
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post