नई दिल्ली, 18 जुलाई 2026 (PIB)
देश में Allied Healthcare Education को अधिक आधुनिक और गुणवत्ता आधारित बनाने की दिशा में राष्ट्रीय संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा आयोग (NCAHP) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने Diploma in Medical Laboratory Technology (DMLT Course) के लिए नया Competency-Based Curriculum जारी कर दिया है। यह नया पाठ्यक्रम Academic Session 2026-27 से लागू करने की सलाह दी गई है, जबकि 2027-28 से इसे सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षित Medical Laboratory Professionals तैयार करना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
DMLT Course में क्या होगा नया?
NCAHP के अनुसार नया DMLT Course पारंपरिक ज्ञान-आधारित पढ़ाई से आगे बढ़कर Competency-Based Education पर आधारित होगा। यह दो वर्षीय डिप्लोमा उन विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से Physics, Chemistry और Biology विषयों के साथ 12वीं पास की है। नए पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि आधुनिक Clinical Laboratory Services, Practical Skills, Patient Safety, Quality Assurance और Professional Ethics का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे छात्र प्रयोगशाला के Pre-Analytical, Analytical और Post-Analytical सभी चरणों में दक्ष बन सकेंगे।
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एक लाख नए Healthcare Professionals तैयार करने की योजना
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित अगले पांच वर्षों में एक लाख अतिरिक्त Allied and Healthcare Professionals तैयार करने के लक्ष्य के अनुरूप है। आयोग का मानना है कि Competency-Based Training से तैयार होने वाले छात्र देश में बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को पूरा करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। इसी उद्देश्य से आयोग विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ समन्वय स्थापित कर नए पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर काम कर रहा है।
16 अन्य Allied Health Courses भी होंगे अनिवार्य
NCAHP ने केवल DMLT Course ही नहीं, बल्कि Allied Healthcare के विभिन्न क्षेत्रों के 16 Competency-Based Courses भी अधिसूचित किए हैं, जिन्हें Academic Session 2026-27 से लागू किया जाएगा। इनमें Medical Radiology and Imaging Technology, Nutrition and Dietetics, Dialysis Therapy Technology, Health Information Management, Anaesthesia and Operation Theatre Technology, Physician Associate, Respiratory Technology, Medical Physics, Nuclear Medicine Technology सहित कई अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं। इससे पहले आयोग Bachelor of Medical Laboratory Science (BMLS) और Master of Medical Laboratory Science (MMLS) के लिए भी नया पाठ्यक्रम जारी कर चुका है।
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संस्थानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण और सहयोग
आयोग ने बताया कि नए DMLT Course को सुचारू रूप से लागू कराने के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। हाल ही में नए पाठ्यक्रम को लेकर आठ राष्ट्रीय Webinars आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों ने भाग लिया। आयोग का कहना है कि भविष्य में भी संस्थानों को तकनीकी मार्गदर्शन और कार्यान्वयन संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि Competency-Based Curriculum को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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