नई दिल्ली, 27 जून 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय आगामी सोमवार, 29 जून 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण केंद्रीय परिषद (central council of health & family welfare – cchfw) का 16वां सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। इस बेहद महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल और श्री प्रतापराव जाधव भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना और भविष्य की रणनीतियों पर सामूहिक फैसला लेना है।
प्रमुख एजेंडे और विषयगत सत्रों पर ध्यान
इस वर्ष आयोजित हो रहे इस 16वें सम्मेलन के विषयगत सत्रों (thematic sessions) में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े तीन सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें पहला विषय “राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (nhm) – सतत विकास लक्ष्य (sdgs) और प्राथमिकताएं” है। इसके अतिरिक्त, “खाद्य एवं औषधि सुधार” (food and drug reforms) तथा “संबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं” (allied health services) जैसे मुख्य मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया जाएगा। इन तकनीकी चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य देश में चल रही वर्तमान स्वास्थ्य पहलों की व्यापक समीक्षा करना, विभिन्न राज्यों की सर्वोत्तम विधियों को आपस में साझा करना, उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों की पहचान करना और पूरे देश के नागरिकों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए एक समन्वित और ठोस कार्ययोजना (action plan) तैयार करना है।
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केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत तालमेल
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री, संसद सदस्य (mps), केंद्र और state सरकारों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, गैर-सरकारी सदस्य और चिकित्सा क्षेत्र के प्रख्यात विशेषज्ञ एक साथ एक मंच पर जुटेंगे। इस भारी जमावड़े का मूल उद्देश्य प्रमुख नीतिगत प्राथमिकताओं पर गहन विचार-विमर्श करना और देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र-राज्य सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। यह सम्मेलन मुख्य रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘सहकारी संघवाद’ (cooperative federalism) को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करता है, जहां राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सीधे संवाद स्थापित किया जा सकेगा।
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क्या है केंद्रीय परिषद का इतिहास और महत्व?
भारत के संविधान के अनुच्छेद 263 (article 263) के तहत गठित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद, वास्तव में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सर्वोच्च और सबसे शक्तिशाली सलाहकार संस्था है। यह परिषद देश के चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्रों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण नीतियों और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की बारीकी से समीक्षा करती है। इसके साथ ही, यह संस्था राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मजबूत साझेदारी बनाकर उन नीतियों के जमीन पर प्रभावी कार्यान्वयन के लिए नए और व्यावहारिक उपाय सुझाती है, जिससे देश भर के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की योजना और क्रियान्वयन में अधिक सामंजस्य और स्पष्टता स्थापित हो पाती है।
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आर. पी. अरोड़ा
सीनियर जर्नलिस्ट
तीन दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय आर. पी. अरोड़ा राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और समसामयिक विषयों के अनुभवी विश्लेषक हैं। खोजी रिपोर्टिंग और जमीनी मुद्दों पर उनकी पैनी नजर उन्हें एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।
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