अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), Delhi ने अपने छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों, फैकल्टी मेंबर्स और कर्मचारियों के लिए एक बेहद सख्त सोशल मीडिया गाइडलाइंस (Social Media Guidelines) जारी की है। संस्थान द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, अब कोई भी छात्र या कर्मचारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर AIIMS के नाम, लोगो (Logo) या किसी भी तरह की ब्रांडिंग का अनधिकृत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। संस्थान ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने या बिना अनुमति के इसके नाम का उपयोग करने पर गंभीर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
ब्रांडिंग पर पूरी रोक
AIIMS New Delhi द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस के मुताबिक, कोई भी छात्र, रेजिडेंट डॉक्टर, फैकल्टी या संबद्ध एसोसिएशन बिना पूर्व लिखित अनुमति के “AIIMS, New Delhi” के नाम, उसके प्रतीक चिह्न (Emblem) या आधिकारिक ब्रांडिंग का डिजिटल अथवा print फॉर्म में उपयोग नहीं कर सकता है। इसके तहत इंस्टाग्राम (Instagram), फेसबुक (Facebook) और एक्स (X) जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे सोशल मीडिया हैंडल्स, पोस्टर, बैनर, video, रील्स (Reels) और ब्लॉग्स बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है जो यह आभास कराते हैं कि वे संस्थान का आधिकारिक प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर किए जाने वाले किसी भी तरह के प्रमोशनल पोस्ट या बाहरी ब्रांड्स के साथ कोलैबोरेशन (Collaboration) के लिए अब विशेष क्लीयरेंस लेना अनिवार्य होगा।
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मरीजों की गोपनीयता
संस्थान ने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को मरीजों की गोपनीयता (Patient Confidentiality) बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। इंडियन मेडिकल काउंसिल रेगुलेशंस और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 (DPDP Act) के तहत, सोशल मीडिया पर किसी भी मरीज की जानकारी, केस डिटेल्स या तस्वीरें साझा करने पर पूरी तरह रोक लगा दिया गया है, भले ही उसमें मरीज की पहचान उजागर न की गई हो। इसके अलावा, शैक्षणिक अखंडता को बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की साहित्यिक चोरी (Plagiarism), परीक्षा के प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी (Answer Keys) शेयर करने की सख्त मनाही है। साथ ही, यूजीसी (UGC) के नियमों के तहत रैगिंग को बढ़ावा देने वाली या किसी भी तरह की आपत्तिजनक, राजनीतिक और धार्मिक पोस्ट साझा करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
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12 घंटे में एक्शन
AIIMS प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को ‘तकेडाउन नोटिस’ (Takedown Notice) जारी किया जाएगा, जिसके बाद 12 घंटे के भीतर उस कंटेंट को हटाना अनिवार्य होगा। गाइडलाइंस का पालन न करने पर आंतरिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लिखित चेतावनी देना, छात्र संगठनों की मान्यता रद्द करना, एसोसिएशन को सस्पेंड करना या संस्थान के कार्यक्रमों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स चलाने वाले छात्र संगठनों को अब अपने एडमिनिस्ट्रेटर और मीडिया कोऑर्डिनेटर की पूरी जानकारी संबंधित विभाग में पंजीकृत करानी होगी। सभी विभागाध्यक्षों (HoDs) को निर्देश दिया गया है कि वे इन नियमों को अपने स्तर पर तत्काल लागू करवाएं।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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