AYUSH Ministry और IndiaAI ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Artificial Intelligence (AI) आधारित नवाचार को बढ़ावा देने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य AYUSH क्षेत्र में Research, Digital Health, Innovation और Capacity Building को मजबूत करना है। इसके तहत AI आधारित तकनीकों का उपयोग कर पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बनाया जाएगा। समझौते पर AYUSH Ministry की संयुक्त सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. कविता जैन और IndiaAI Mission के Chief Operating Officer एवं MeitY के संयुक्त सचिव सुदीप श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किए।
Research और Digital Health को मिलेगा बढ़ावा
AYUSH Ministry के अनुसार, इस साझेदारी से Evidence-Based Research, Knowledge Management और Innovation को नई गति मिलेगी। डॉ. कविता जैन ने कहा कि AYUSH प्रणाली में Artificial Intelligence का एकीकरण शोध, औषधीय पौधों, औषधि प्रशासन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खोलेगा। इससे शोध कार्य अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित होगा। मंत्रालय का मानना है कि AI के उपयोग से AYUSH क्षेत्र की कार्यप्रणाली अधिक दक्ष बनेगी और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें: NHM Update: ग्रामीण Health Services के लिए सरकार ने किए बड़े ऐलान…
![]()
AIKosh Platform से जुड़ेगा AYUSH
इस सहयोग के तहत AYUSH Ministry अब AIKosh Platform से जुड़ेगा, जहां योग्य स्वास्थ्य अनुसंधान सामग्री, Dataset, Metadata, AI Models, Toolkit और विभिन्न Use Cases साझा किए जाएंगे। IndiaAI का कहना है कि इससे पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच मिलेगा, जहां बेहतर सहयोग और AI आधारित समाधान विकसित किए जा सकेंगे। MeitY के संयुक्त सचिव सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहल भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली को आधुनिक AI तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे AI-संचालित Innovation को नई गति मिलेगी।
![]()
High-Performance Computing से मिलेगी ताकत
समझौते के तहत AYUSH क्षेत्र को IndiaAI Initiative के माध्यम से रियायती दरों पर GPU-Based High-Performance Computing Infrastructure उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े जटिल AI Research एवं Applications को विकसित करने में मदद मिलेगी। वहीं, AYUSH Grid के OSD नमन गोयल ने कहा कि मंत्रालय पहले से ही AI आधारित Digital Platforms पर कार्य कर रहा है और यह समझौता उस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा। सरकार के अनुसार, यह पहल भारत की समृद्ध पारंपरिक चिकित्सा विरासत को आधुनिक Digital और AI Technologies के साथ जोड़कर अधिक नवाचारी, साक्ष्य-आधारित और भविष्य के लिए तैयार AYUSH System विकसित करने में सहायक होगी।
यह भी पढ़ें: AYUSH Ministry ने IndiaAI से किया बड़ा समझौता, Traditional Medicine में अब AI की होगी Entry
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post