नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026
Medical Counselling Committee (MCC) ने NEET UG Counselling 2026 में Persons with Benchmark Disabilities (PwBD) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत PwBD श्रेणी में MBBS Admission के इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Eligibility Certificate प्राप्त करना अनिवार्य होगा। MCC ने उम्मीदवारों से कहा है कि Counselling प्रक्रिया में शामिल होने से पहले अपनी पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि Admission के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था National Medical Commission (NMC) द्वारा जारी नई Assessment Guidelines के अनुरूप लागू की जा रही है।
Function Assessment के आधार पर होगी पात्रता
नई Guidelines के अनुसार अब केवल Disability Percentage के आधार पर निर्णय नहीं लिया जाएगा। Medical Assessment Board उम्मीदवार की Functional Competency का मूल्यांकन करेगा और उसके आधार पर तय करेगा कि अभ्यर्थी MBBS Course के लिए Eligible, Eligible with Reasonable Accommodation या Ineligible है। इसके बाद उम्मीदवार को उसी आधार पर Eligibility Certificate जारी किया जाएगा। NMC ने स्पष्ट किया है कि Reasonable Accommodation और Assistive Technology को भी मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा, जबकि Patient Safety को भी ध्यान में रखा जाएगा।
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दस्तावेजों की जांच पर रहेगा विशेष फोकस
MCC ने PwBD उम्मीदवारों को Counselling से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी है। उम्मीदवारों को Valid UDID Card, निर्धारित प्रारूप में Self-Certified Affidavit और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसके अलावा संबंधित Medical Board द्वारा दस्तावेजों और दावों का सत्यापन भी किया जाएगा। पात्रता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद ही उम्मीदवार All India Quota के तहत PwBD सीटों के लिए पात्र माने जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत Disability Assessment Centres पर ही अपनी प्रक्रिया पूरी करें।
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Counselling से पहले Guidelines पढ़ने की सलाह
MCC ने सभी NEET UG 2026 उम्मीदवारों, विशेषकर PwBD श्रेणी के अभ्यर्थियों, से Counselling शुरू होने से पहले आधिकारिक Guidelines को ध्यानपूर्वक पढ़ने की अपील की है। समिति का कहना है कि निर्धारित नियमों और दस्तावेजों का पालन करने से Admission प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुचारु होगी। हाल ही में MCC ने Counselling प्रक्रिया में कई सुधारों की भी घोषणा की है, जिनमें Online Verification, One-Time Physical Reporting और Digital Process को बढ़ावा देना शामिल है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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