नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026
Resident Doctors की कथित अमानवीय Duty Hours और Uniform Residency Scheme, 1992 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी याचिका पर Supreme Court में प्रस्तावित सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। यह मामला पहले 31 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन निर्धारित तिथि पर इसकी सुनवाई नहीं हो सकी। अब याचिकाकर्ता अगली तारीख का इंतजार कर रहे हैं। यह याचिका United Doctors Front (UDF) की ओर से दायर की गई है, जिसमें देशभर के सरकारी और निजी मेडिकल संस्थानों में रेजिडेंट डॉक्टरों के कार्य घंटे निर्धारित नियमों के अनुरूप लागू कराने की मांग की गई है।
क्या है डॉक्टरों की मांग ?
याचिका में कहा गया है कि कई मेडिकल संस्थानों में रेजिडेंट डॉक्टरों से अत्यधिक लंबे समय तक लगातार ड्यूटी कराई जाती है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। याचिकाकर्ताओं ने Uniform Residency Scheme, 1992 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने, ड्यूटी रोस्टर को निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार करने और नियमों के पालन के लिए स्पष्ट निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इससे पहले भी इस मामले में केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं के स्तर पर चर्चा हो चुकी है।
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पहले भी Court में उठ चुका है मुद्दा
इस मामले पर Supreme Court पहले केंद्र सरकार और National Medical Commission (NMC) से जवाब भी मांग चुका है। सुनवाई के दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों और ड्यूटी घंटों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से Central Residency Scheme में बदलाव और कार्य घंटों को लेकर भी विचार-विमर्श किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई अंतिम निर्णय लागू नहीं हुआ है।
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अगली तारीख पर रहेगी नजर
सुनवाई स्थगित होने के बाद अब डॉक्टर संगठनों और रेजिडेंट डॉक्टरों की नजर Supreme Court की अगली लिस्टिंग पर है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल डॉक्टरों के कार्य घंटों तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। फिलहाल अदालत की ओर से अगली सुनवाई की नई तारीख का इंतजार किया जा रहा है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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