नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026
देश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने Food Testing System को और सशक्त किया है। सरकार के अनुसार, खाद्य नमूनों की जांच के लिए 259 NABL Accredited Laboratories और अपील संबंधी मामलों के लिए 24 Referral Food Laboratories को अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा, आधुनिक तकनीक, मोबाइल परीक्षण सुविधाओं और Rapid Testing Kits के जरिए देशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
Labs और Food Safety on Wheels का बढ़ा नेटवर्क
FSSAI की SOFTEL Scheme के तहत देशभर में 47 State Food Testing Laboratories को आधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों से अपग्रेड किया गया है। साथ ही रासायनिक, भारी धातुओं और जैविक संदूषकों की जांच के लिए 34 Specialized Microbiology Laboratories स्थापित की गई हैं। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक खाद्य परीक्षण सेवाएं पहुंचाने के लिए Food Safety on Wheels (FSW) अभियान को भी मजबूत किया गया है। वर्तमान में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 305 Mobile Food Testing Vans संचालित हो रही हैं, जो खाद्य परीक्षण के साथ-साथ प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी चला रही हैं।
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Magic Box और RAFT Kits से होगी तुरंत जांच
खाद्य मिलावट की त्वरित पहचान के लिए FSSAI ने Magic Box और Rapid Analytical Food Testing (RAFT) Kits जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया है। Magic Box एक कॉम्पैक्ट और उपयोगकर्ता-अनुकूल किट है, जिसकी मदद से दूध, मसाले, तेल और अनाज सहित 7 प्रमुख खाद्य पदार्थों में सामान्य मिलावट की पहचान की जा सकती है। वहीं, अब तक 88 RAFT Kits को मंजूरी दी जा चुकी है। ये पोर्टेबल और हैंडहेल्ड उपकरण बिना किसी जटिल मशीन या पारंपरिक रसायनों के फील्ड स्तर पर तेजी से खाद्य परीक्षण करने में सक्षम हैं, जिससे निगरानी प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन रही है।
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घर पर भी हो सकेगी मिलावट की पहचान
FSSAI ने आम लोगों के लिए Detect Adulteration with Rapid Test (DART) पुस्तिका भी तैयार की है। इसमें 44 सरल परीक्षण दिए गए हैं, जिन्हें पानी और आयोडीन टिंचर जैसे सामान्य घोलों की सहायता से घर पर किया जा सकता है। यह पुस्तिका दूध, तेल, मसाले, मिठाई, चीनी, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट की पहचान करने में मदद करती है। इसके अलावा, इसमें चित्रों के माध्यम से शुद्ध और मिलावटी खाद्य पदार्थों के बीच अंतर को भी सरल तरीके से समझाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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