सहारनपुर, 23 जून 2026
उत्तर प्रदेश के Saharanpur स्थित SBD जिला अस्पताल की Emergency से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां इलाज के लिए आए एक गंभीर रूप से घायल मरीज के कटे हुए हाथ का Video और Photo बनाकर एक Private Hospital को भेजने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। आशंका जताई जा रही है कि तड़पते हुए मरीज की इस रिकॉर्डिंग के पीछे स्वास्थ्य विभाग के भीतर फल-फूल रहा ‘कमीशन का बड़ा खेल’ है। इस हैरान करने वाले मामले की शिकायत जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से करते हुए जांच की मांग की गई है।
Emergency में इलाज के बजाय Video रिकॉर्डिंग का खेल
देहरादून के रहने वाले सागर नौगजा पीर स्थित एक Glass Factory में काम करते हैं। 20 जून को काम के दौरान मशीन की चपेट में आने से उनका हाथ बुरी तरह कट गया था। गंभीर हालत में उनके दोस्त उन्हें SBD जिला अस्पताल की Emergency में लेकर पहुंचे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वहां तैनात स्टाफ ने तड़पते हुए मरीज को तत्काल First Aid देने और राहत पहुंचाने के बजाय, अपने मोबाइल फोन चमकाए और मरीज के कटे हाथ की Photos और Videos रिकॉर्ड करने लगे। इसके तुरंत बाद, घायल को बहला-फुसलाकर उसी Private Hospital के लिए Refer कर दिया गया, जिसे वो डेटा भेजा गया था।
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Private Hospital पहुंचते ही खुली ‘कमीशन रैकेट’ की पोल
जब दोस्त घायल सागर को लेकर तयशुदा Private Hospital पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। वहां का एक कर्मचारी Duty Doctor को अपने मोबाइल पर पहले से ही घायल मरीज का वही Video दिखा रहा था, जो कुछ देर पहले जिला अस्पताल की Emergency में बनाया गया था। इसके बाद डॉक्टर तुरंत एक्टिव हुए और मरीज का Operation किया गया, जिसमें पीड़ित परिवार के लगभग 50,000 रुपये खर्च हो गए। इस घटना ने साफ कर दिया कि सरकारी तंत्र में बैठे कुछ लोग मरीजों की मजबूरी और उनकी बीमारी का सौदा Private Hospital के साथ मिलकर कर रहे हैं।
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बेखबर प्रशासन और जांच की उठती मांग
इस पूरे मामले पर SBD जिला अस्पताल के कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक डॉ. रविप्रकाश ने कहा, “निजी अस्पताल में Video भेजने का मामला अभी तक आधिकारिक रूप से मेरे संज्ञान में नहीं आया है। यदि अस्पताल के किसी Staff या कर्मचारी द्वारा ऐसा कृत्य किया गया है, तो यह बेहद गंभीर और अनैतिक मामला है।” हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर इस रैकेट से जुड़े चेहरों को बेनकाब किया जाएगा। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे ‘कमीशन रैकेट’ की गहनता से जांच कराकर दोषियों को सस्पेंड किया जाए।
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