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Saharanpur: Live-in Relationship के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेल? मलेरिया इंस्पेक्टर ने लगाए गंभीर आरोप...

खबर का सार

Saharanpur में CMO कार्यालय के मलेरिया इंस्पेक्टर ने लिव-इन रिलेशनशिप की आड़ में लाखों रुपये की उगाही और 30 लाख रुपये की मांग का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Saharanpur

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, 14 जुलाई 2026

Saharanpur के CMO कार्यालय में तैनात एक मलेरिया इंसेक्टर ने लिव-इन रिलेशनशिप की आड़ में वर्षों तक ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने और बाद में 30 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर पहले कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद जनकपुरी थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, उगाही और जान से मारने की धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

2012 में हुई पहचान, फिर Live-in Relationship का दावा

पीड़ित धर्मेंद्र सिंह पाल, जो CMO कार्यालय में मलेरिया इंसेक्टर के पद पर तैनात हैं, ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2012 में पोलियो विभाग में तैनाती के दौरान उनकी पहचान एक महिला से हुई थी। दोनों आपसी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। आरोप है कि कुछ समय बाद महिला ने रिश्ते का फायदा उठाकर उनसे लगातार पैसे लेने शुरू कर दिए। संबंध समाप्त होने तक करीब पांच लाख रुपये लिए जा चुके थे। पीड़ित का आरोप है कि बाद के वर्षों में एक अन्य व्यक्ति भी महिला के साथ मिल गया और दोनों ने कथित तौर पर फोटो वायरल करने तथा सामाजिक प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी देकर कई लाख रुपये और वसूल लिए।

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30 लाख की मांग और जान से मारने की धमकी का आरोप

शिकायत के अनुसार, जब पीड़ित ने रुपये देना बंद कर दिया तो आरोपियों ने उनसे 30 लाख रुपये की मांग की। विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का दावा है कि आरोपियों द्वारा रुपये मांगने और धमकी देने की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास सुरक्षित है। इसी आधार पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए, जिसके बाद जनकपुरी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करेगी पुलिस

मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अब ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य कितने मजबूत हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और सबूतों की निष्पक्ष जांच के बाद ही मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।

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दीपक अरोड़ा

पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।