सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, 11 जुलाई 2026
Saharanpur के SBD जिला अस्पताल से एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती एक घायल मरीज को इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बाद में संबंधित Staff Nurse उसी निजी अस्पताल में कमीशन लेने पहुंची। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
घायल मरीज को निजी अस्पताल भेजने के बाद हुई मौत
जानकारी के अनुसार, 14 जून को बेहट क्षेत्र निवासी राजेंद्र अपने घायल भांजे उदय को इलाज के लिए SBD जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इमरजेंसी में प्राथमिक जांच के बाद मरीज को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद Staff Nurse ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल से कुछ दूरी पर स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। परिजन मरीज को वहां लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पूरे मामले को लेकर सवाल उठने लगे।
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परिजनों ने लगाया कमीशन मांगने का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि मरीज को निजी अस्पताल ले जाने के कुछ समय बाद वही Staff Nurse भी वहां पहुंची और अस्पताल प्रबंधन से कमीशन मांगती दिखाई दी। हालांकि उस समय परिजनों ने कोई विवाद नहीं किया, लेकिन बाद में उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक को सौंप दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मरीज को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल भेजने के पीछे आर्थिक लाभ का उद्देश्य हो सकता है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित, पहले भी लग चुके हैं आरोप
शिकायत मिलने के बाद प्रमुख अधीक्षक ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवदत्ता, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र भट्ट और प्रभारी अधिकारी फॉरेंसिक डॉ. ब्रजेंद्र को शामिल किया गया है। समिति ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे। खबर के अनुसार, जिला अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पताल भेजने और सुविधा शुल्क लेने जैसे आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं, जिसके कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
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प्रमुख अधीक्षक बोले- दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
SBD जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. रविप्रकाश ने कहा कि डॉक्टर या अस्पताल का कोई भी कर्मचारी मरीज को निजी अस्पताल भेजने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। Staff Nurse पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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