हरियाणा, 11 अगस्त 2026
हरियाणा के Pt. B.D. Sharma Post Graduate Institute of Medical Sciences (PGIMS), Rohtak में Medical Education और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं। इनमें Rotational Head of Department (HOD) व्यवस्था, Bonded Doctors की deployment और मेडिकल शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी reforms प्रमुख हैं। इन मुद्दों को लेकर संस्थान और राज्य की Medical Education व्यवस्था में नीतिगत स्पष्टता तथा बेहतर implementation की जरूरत पर जोर दिया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन विषयों का सीधा संबंध मेडिकल कॉलेजों में academic leadership, doctors की deployment और भविष्य की specialist workforce से है।
Rotational HOD पर जोर
Medical colleges में Rotational HOD व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय तक एक ही व्यक्ति के विभागाध्यक्ष बने रहने से पैदा होने वाली stagnation को कम करना और नए leadership opportunities उपलब्ध कराना है। National Task Force on Mental Health and Well-being of Medical Students ने भी department heads के लिए rotational headship की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे नए विचार, बेहतर leadership development और departments में academic तथा clinical environment को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। PGIMS Rohtak से जुड़ा यह मुद्दा ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब देश के कई प्रमुख medical institutions में HOD नियुक्ति को लेकर rotational और seniority-based systems पर बहस जारी है।
Bonded Doctors की Deployment पर स्पष्टता जरूरी
हरियाणा में MBBS Service Bond Policy भी Medical Education reforms से जुड़ा प्रमुख विषय बनी हुई है। Government Medical Colleges के MBBS students पहले ही policy के implementation को लेकर सरकार से detailed guidelines और SOPs की मांग कर चुके हैं। छात्रों ने salary, posting, service conditions, postgraduate education, medico-legal protection, bond exit और grievance redressal जैसे मुद्दों पर स्पष्टता मांगी है। खास तौर पर bonded doctors की posting किस आधार पर होगी और उनकी service conditions क्या होंगी, इसे स्पष्ट करने की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि पूरी जानकारी उपलब्ध होने के बाद ही informed consent लिया जाना चाहिए।
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Medical Education में बड़े Reforms की जरूरत
PGIMS Rohtak में उठ रहे ये मुद्दे केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका प्रभाव Medical Education और Public Healthcare दोनों पर पड़ सकता है। Rotational leadership से जहां departments में नई सोच और academic participation बढ़ाने की उम्मीद है, वहीं bonded doctors की स्पष्ट और पारदर्शी deployment से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में doctors की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है। हरियाणा सरकार ने हाल में in-service doctors की PG policy में भी बदलाव किया है, जिसके तहत clinical specialities के doctors के लिए teaching bond हटाया गया है, जबकि pre-clinical और para-clinical disciplines में PG करने वालों के लिए तीन साल की teaching service अनिवार्य की गई है।
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PGIMS Rohtak पहले भी रहा है केंद्र में
PGIMS Rohtak हरियाणा की Medical Education और healthcare व्यवस्था का प्रमुख संस्थान है और इससे जुड़े policy issues पहले भी सामने आते रहे हैं। फरवरी 2026 में Government Medical Colleges के MBBS students ने Assembly Committee और DMER को memorandum देकर Service Bond Policy के implementation पर 17 बिंदुओं में clarification मांगा था। वहीं, संस्थान में medical infrastructure और specialist services को लेकर भी अलग-अलग मुद्दे सामने आए हैं। ऐसे में Rotational HODs, doctors की deployment और service policies में स्पष्टता को Medical Education के broader reforms के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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