नई दिल्ली, 9 जून 2026
Pharma Freebies Case में National Medical Commission (NMC) ने नौ राज्यों की State Medical Councils को संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है। मामला उन चिकित्सकों से जुड़ा है, जिन्हें Pharma कंपनी AbbVie द्वारा प्रायोजित विदेशी यात्राओं और अन्य लाभों का प्राप्तकर्ता पाया गया था। RTI के जरिए सामने आई जानकारी के अनुसार, कई राज्यों में अब तक जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिसके चलते NMC को हस्तक्षेप करना पड़ा।
9 राज्यों के डॉक्टरों के नाम आए सामने
RTI आवेदन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के लिए भेजे गए 27 डॉक्टर नौ राज्यों से संबंधित हैं। इनमें महाराष्ट्र के 11 डॉक्टर, गुजरात और तेलंगाना के तीन-तीन डॉक्टर, पंजाब, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के दो-दो डॉक्टर तथा असम और केरल के एक-एक डॉक्टर शामिल हैं। इन डॉक्टरों के नाम संबंधित State Medical Councils को दिसंबर 2025 में भेजे गए थे ताकि उनके खिलाफ जांच कर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार सभी राज्यों से अब तक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। यही कारण है कि NMC की Ethics and Medical Registration Board (EMRB) को कई परिषदों को दोबारा Reminder भेजना पड़ा।
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छह राज्यों ने अब तक नहीं भेजी Action Taken Report
NMC द्वारा 26 मई को असम, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल की State Medical Councils को Reminder जारी किया गया। आयोग ने इन परिषदों से कहा कि वे समयबद्ध तरीके से जांच पूरी कर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
RTI से यह भी संकेत मिला कि नौ में से छह State Medical Councils ने अब तक NMC को Action Taken Report नहीं सौंपी है। इस देरी ने चिकित्सा पेशे में नैतिकता और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है Rs 1.9 करोड़ विदेशी यात्रा विवाद?
मामला वर्ष 2024 में आयोजित Monaco और Paris की विदेशी यात्राओं से जुड़ा है। Department of Pharmaceuticals (DoP) को शिकायत मिली थी कि AbbVie Healthcare ने Aesthetics एवं Anti-Aging Medicine Conferences के नाम पर 30 डॉक्टरों को विदेश यात्रा, होटल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। इन यात्राओं पर कुल लगभग Rs 1.91 करोड़ खर्च होने का आरोप था।
जांच के बाद DoP की Special Audit Committee ने आरोपों को सही पाया। इसके बाद कंपनी को फटकार लगाई गई और NMC से संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ Indian Medical Council (Professional Conduct, Etiquette and Ethics) Regulations के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।
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NMC को भेजे गए केवल 27 नाम
इस पूरे मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जांच में 30 डॉक्टरों को दोषी पाया गया था, लेकिन कार्रवाई के लिए NMC को केवल 27 नाम भेजे गए। तीन नाम सूची से क्यों हटाए गए, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
NMC Act के अनुसार यदि कोई State Medical Council छह महीने के भीतर शिकायत पर निर्णय नहीं लेती है, तो आयोग मामले को अपने Ethics Committee के पास भेज सकता है। NMC नेतृत्व पहले भी संकेत दे चुका है कि आवश्यकता पड़ने पर आयोग इस मामले में आगे की कार्रवाई कर सकता है।
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