चंडीगढ़, 16 जून 2026
Punjab and Haryana High Court ने Medical Negligence से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि किसी डॉक्टर को आपराधिक मामले में तलब करने से पहले आवश्यक Expert Medical Opinion पर विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने एक Trial Court द्वारा जारी Summoning Order को रद्द करते हुए कहा कि जब अदालत स्वयं किसी विशेषज्ञ संस्थान से मेडिकल राय मांग चुकी हो, तब उस रिपोर्ट का इंतजार किए बिना डॉक्टर को तलब करना न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जा सकता। अदालत ने मामले को पुनर्विचार के लिए वापस भेजते हुए Expert Opinion प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश पर High Court की रोक
मामला एक मरीज की मृत्यु के बाद लगाए गए Medical Negligence के आरोपों से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान Trial Court ने पहले PGI Chandigarh से स्वतंत्र Expert Medical Opinion प्राप्त करने का निर्देश दिया था। हालांकि रिपोर्ट आने से पहले ही संबंधित डॉक्टर को तलब करने का आदेश जारी कर दिया गया। Punjab and Haryana High Court ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब अदालत स्वयं विशेषज्ञ राय मांग चुकी थी, तो रिपोर्ट का इंतजार किए बिना Summoning Order जारी करना उचित नहीं था। कोर्ट ने आदेश को रद्द कर मामले को दोबारा विचार के लिए भेज दिया।
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Expert Opinion क्यों जरूरी?
High Court ने कहा कि Medical Negligence से जुड़े मामलों में चिकित्सा संबंधी तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन विशेषज्ञों की राय के बिना करना कठिन होता है। Expert Medical Opinion यह समझने में मदद करता है कि संबंधित डॉक्टर ने उपचार के दौरान स्वीकार्य मेडिकल मानकों का पालन किया या नहीं। अदालत के अनुसार ऐसी रिपोर्ट न्यायिक प्रक्रिया को निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए किसी भी आपराधिक कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ राय पर विचार करना आवश्यक है।
डॉक्टरों के मामलों में पुराना सिद्धांत
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि Medical Negligence मामलों में स्वतंत्र विशेषज्ञ राय का महत्व पहले भी कई न्यायिक फैसलों में रेखांकित किया जा चुका है। विभिन्न अदालतों ने कहा है कि केवल मरीज की मृत्यु या उपचार के प्रतिकूल परिणाम को आपराधिक लापरवाही का प्रमाण नहीं माना जा सकता। डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने से पहले मेडिकल रिकॉर्ड और विशेषज्ञों की राय का परीक्षण जरूरी है, ताकि बिना पर्याप्त आधार के अभियोजन से बचा जा सके।
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अब आगे क्या?
High Court ने Trial Court को निर्देश दिया है कि वह पहले PGI Chandigarh से मांगी गई Expert Medical Report प्राप्त करे। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और विशेषज्ञ राय पर विचार करते हुए कानून के अनुसार नया निर्णय लिया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है। अब आगे की सुनवाई और संभावित कार्रवाई Expert Opinion मिलने के बाद ही तय होगी।
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