नई दिल्ली, 26 अगस्त 2026
देशभर में Influenza के मौजूदा रुझानों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) लगातार निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि मौजूदा स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में फैल रहे H1N1 Virus में हाल के वर्षों के अनुरूप मौसमी बदलाव देखे जा रहे हैं और अब तक किसी नए या असामान्य आनुवंशिक बदलाव (Genetic Change) का पता नहीं चला है।
H1N1 में सामान्य बदलाव
डॉ. राजीव बहल के अनुसार देश में वर्तमान Influenza Virus हाल के वर्षों में देखे गए मौसमी पैटर्न (Seasonal Pattern) के अनुरूप हैं। DHR-ICMR की 73 वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरीज (VRDL) के नेटवर्क के जरिए आनुवंशिक (Genomic) और महामारी संबंधी (Epidemiological) निगरानी की जा रही है। इस निगरानी में प्रसारित हो रहे Influenza A (H1N1) Virus की पहचान A/Missouri/11/2025 (H1N1)pdm09-जैसे Virus के रूप में हुई है। इसके हेमाग्लगुटिनिन (HA) जीन के विश्लेषण में इन्हें क्लेड 6B.1A.5a2a और सब-क्लेड D.3.1.1 में रखा गया है। डॉ. बहल ने बताया कि यह वंशावली वर्ष 2025 से भारत में लगातार फैल रही है।
नए खतरे का संकेत नहीं
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार Influenza Virus में समय के साथ होने वाले छोटे आनुवंशिक बदलाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इन्हें मौसमी Influenza में होने वाले सामान्य एंटीजेनिक ड्रिफ्ट (Antigenic Drift) के रूप में देखा जाता है। डॉ. बहल ने स्पष्ट किया कि मौजूदा जीनोमिक निगरानी में मिले बदलाव किसी नए या खतरनाक स्ट्रेन (Strain) के उभरने का संकेत नहीं देते। उन्होंने कहा कि वर्तमान निष्कर्ष मौसमी Influenza Virus के अपेक्षित व्यवहार के अनुरूप हैं। सरकार की सर्विलांस प्रणाली (Surveillance System) में बीमारी की गतिविधि, फैल रहे स्ट्रेन और बीमारी की गंभीरता में संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इन लोगों को अधिक सावधानी
मौसमी Influenza, जिसमें H1N1 भी शामिल है, आमतौर पर स्वस्थ लोगों में हल्की और खुद ठीक होने वाली सांस की बीमारी (Respiratory Illness) होती है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी शामिल हैं। अधिकांश लोगों में पर्याप्त आराम, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने (Hydration) और सामान्य देखभाल से लक्षणों में सुधार हो सकता है। हालांकि बुजुर्गों, छोटे बच्चों, पहले से किसी बीमारी (Co-morbidities) वाले लोगों तथा कमजोर इम्युनिटी (Immunity) वाले व्यक्तियों में गंभीर स्थिति का जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों को लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टरी सलाह (Medical Advice) लेने की सलाह दी गई है।
क्या करें और क्या न करें
स्वास्थ्य मंत्रालय ने Influenza संक्रमण से बचाव के लिए सांस की स्वच्छता (Respiratory Hygiene) और सामान्य सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, साबुन-पानी से हाथ धोने या उपयुक्त हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और बीमार होने पर घर में रहने की सलाह दी गई है। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने, आराम करने और संतुलित आहार लेने पर भी जोर दिया गया है। दूसरी ओर, H1N1 की पहचान होने पर घबराने और चिकित्सकीय सलाह के बिना एंटीवायरल (Antiviral) या एंटीबायोटिक (Antibiotic) दवाएं लेने से बचने को कहा गया है। लक्षण गंभीर या लगातार बने रहने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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