मेडिकल रिसर्च

AIIMS के नए स्टडी में खुलासा- प्राइवेट स्कूलों के छात्रों में अधिक मोटापा

AIIMS के नए स्टडी में खुलासा- प्राइवेट स्कूलों के छात्रों में अधिक मोटापा
Obesity in Private School Students: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के एक नए अध्ययन में दिल्ली के किशोर छात्रों में मोटापे की चिंता बढ़ाने वाली स्थिति सामने आई है। AIIMS की इस अध्ययन के अनुसार, दिल्ली के निजी स्कूलों के छात्रों में मोटापे की प्रबलता सरकारी स्कूलों की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक पाई गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से किए गए इस अध्ययन में AIIMS के विभिन्न विभागों के शोधकर्ताओं ने छह से 19 वर्ष की आयु के 3,888 छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इनमें 1,985 छात्र सरकारी स्कूलों के और 1,903 छात्र निजी स्कूलों के थे।

लड़कों में मोटापे की अधिकता: AIIMS

अध्ययन में यह भी पाया गया कि लड़कों में मोटापे की दर लड़कियों की तुलना में अधिक है, जबकि लड़कों और लड़कियों दोनों में उच्च रक्तचाप के मामले लगभग समान हैं।

स्वास्थ्य मापदंडों की जांच

शोधकर्ताओं ने छात्रों का रक्तचाप, कमर की परिधि, उपवास रक्त शर्करा, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स जैसे कई स्वास्थ्य मापदंडों की जांच की।

यह भी पढ़ें: CDSCO की नई गाइडलाइन: केवल आयातित दवाओं पर ओवरप्रिंटिंग और स्टिकरिंग की अनुमति

सरकारी और निजी स्कूल के बीच बड़ा अंतर

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों में कम वजन वाले छात्रों की संख्या निजी स्कूलों की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक थी, जबकि निजी स्कूलों के छात्रों में मोटापे की समस्या सरकारी स्कूल के छात्रों से पांच गुना अधिक पाई गई।

विशेषज्ञ की राय

गंगा राम अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरेन गुप्ता ने बताया कि 6 से 19 वर्ष के शहरी किशोरों में उच्च रक्तचाप का प्रचलन 7 प्रतिशत से अधिक पाया गया, लेकिन स्कूल के प्रकार या लिंग के आधार पर कोई विशेष अंतर नहीं देखा गया।

मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा

अध्ययन में यह भी सामने आया कि सरकारी स्कूल के छात्रों में मेटाबोलिक सिंड्रोम विकसित होने की संभावना अधिक है, जो हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप-2 मधुमेह जैसे गंभीर रोगों का कारण बन सकता है।

COVID-19 का प्रभाव

शोध में यह भी उल्लेख किया गया कि COVID-19 महामारी ने बच्चों और किशोरों के वजन और स्वास्थ्य पर प्रभाव डाला है, जिसके कारण मोटापे और कम वजन दोनों की समस्या बढ़ी है।

निष्कर्ष और सुझाव

यह अध्ययन दिल्ली के युवाओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और मोटापे से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने का संदेश देता है।