नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026
आयुष मंत्रालय के तहत अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार Sushrutam 2026 का 17 जुलाई को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक समापन हो गया। 15 से 17 जुलाई तक आयोजित इस सेमिनार में भारत सहित कई देशों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सर्जनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आचार्य सुश्रुत की शल्य चिकित्सा विरासत को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ना, आयुर्वेदिक Surgery में Research और Innovation को बढ़ावा देना तथा वैश्विक स्तर पर अकादमिक सहयोग को मजबूत करना रहा।
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वैश्विक विशेषज्ञ एक मंच पर
Sushrutam 2026 में भारत के अलावा थाईलैंड, इजराइल, ऑस्ट्रिया, यूनाइटेड किंगडम, श्रीलंका, इंडोनेशिया, नेपाल और ग्रीस सहित कई देशों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। समापन समारोह में NCISM की अध्यक्ष वैद्य मनीषा कोठेकर और दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में आयुर्वेद और आधुनिक शल्य चिकित्सा के बीच वैज्ञानिक संवाद, साक्ष्य-आधारित Surgical Techniques और नई तकनीकों के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच वैश्विक ज्ञान के आदान-प्रदान और आयुर्वेदिक Surgery की स्वीकार्यता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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Research और Innovation पर जोर
AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने कहा कि Sushrutam 2026 का उद्देश्य ऐसा वैश्विक मंच तैयार करना था, जहां आयुर्वेद और आधुनिक Surgery के बीच अकादमिक सहयोग को नई दिशा मिल सके। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान Evidence-Based Surgical Practices, Research Collaboration और Emerging Technologies पर विशेष जोर दिया गया। सेमिनार के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) योगेश बडवे ने भी कहा कि AIIA आयुर्वेदिक Surgical प्रक्रियाओं की गुणवत्ता सुधारने और चिकित्सकों को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
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IIT Delhi के साथ MoU Renew
समापन समारोह के दौरान AIIA और IIT Delhi के बीच सहयोग को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने हेतु MoU का नवीनीकरण किया गया। इसके अलावा AIIA की वार्षिक हिंदी पत्रिका आयुषवल्लारी के तीसरे संस्करण, ‘नेत्र रोग : सामान्य जानकारी और निवारण’ पुस्तक तथा Sushrutam 2026 स्मारिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के योगदान को सम्मानित किया गया। आयोजकों के अनुसार यह सेमिनार आयुर्वेदिक Surgery, Research और Innovation को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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