नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026
केंद्र सरकार ने बच्चों में बढ़ते High Blood Pressure, Obesity, Diabetes और Mental Health जैसी समस्याओं की समय पर पहचान और रोकथाम के लिए Rashtriya Bal Swasthya Karyakram (RBSK) 2.0 का दायरा बढ़ा दिया है। संशोधित परिचालन दिशानिर्देशों के तहत अब कार्यक्रम में कुल 38 सामान्य बाल स्वास्थ्य स्थितियों को शामिल किया गया है। Ministry of Health and Family Welfare के अनुसार इस पहल का उद्देश्य बच्चों में उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों की जल्द पहचान कर समय पर उपचार और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करना है। इसकी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
38 Health Conditions को किया शामिल
संशोधित RBSK 2.0 दिशानिर्देशों में बच्चों से जुड़ी कई नई स्वास्थ्य चुनौतियों को शामिल किया गया है। इनमें Diabetes, High Blood Pressure, अन्य Non-Communicable Diseases (NCDs), Mental Health संबंधी समस्याएं और व्यवहार संबंधी चुनौतियां प्रमुख हैं। मंत्रालय का कहना है कि कार्यक्रम का विस्तार बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग के दौरान इन समस्याओं की भी समय रहते पहचान की जा सके। इससे शुरुआती चरण में उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप संभव हो सकेगा।
यह भी पढ़ें: Ayushman Arogya Camp: 3 दिन में 1,700+ कर्मचारियों की Health Screening, सामने आई बड़ी तस्वीर
![]()
Mobile Health Teams को किया मजबूत
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए Mobile Health Teams (MHTs) को अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर सुदृढ़ किया गया है। ये टीमें National Health Mission (NHM) के तहत संचालित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सहयोग से स्कूलों और Anganwadi Centres में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच करेंगी। इसके साथ ही निगरानी और फॉलो-अप प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए Digital Platform आधारित प्रणाली अपनाई गई है, जिससे स्क्रीनिंग, उपचार और अनुवर्ती कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
![]()
Awareness Campaign पर भी सरकार का जोर
बच्चों और उनके अभिभावकों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए Information, Education and Communication (IEC) अभियान को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत Health Booklet, Video और Poster जैसी जागरूकता सामग्री तैयार कर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा की गई है। इन सामग्रियों का उद्देश्य लोगों को जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक करना और बच्चों में स्वस्थ आदतों को प्रोत्साहित करना है। मंत्रालय का मानना है कि जागरूकता और समय पर स्क्रीनिंग के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों की रोकथाम संभव हो सकती है।
यह भी पढ़ें: IPC ने किए दो बड़े MoU, Health Quality और Scientific Innovation को मिलेगा बढ़ावा…
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post