नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत Indian Pharmacopoeia Commission (IPC) ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और वैज्ञानिक नवाचार को मजबूत करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। IPC ने Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University (DSMNRU), Lucknow और CSIR-Central Institute of Medicinal and Aromatic Plants (CSIR-CIMAP) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इन समझौतों का उद्देश्य ‘विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत’ के विजन को मजबूत करना, स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाना और वैज्ञानिक अनुसंधान को नई गति देना है। कार्यक्रम में DSMNRU के कुलपति प्रोफेसर संजय सिंह, IPC के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलैसेल्वन और CSIR-CIMAP के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Herbal Medicines Research पर फोकस
IPC और CSIR-CIMAP के बीच नवीनीकृत MoU के तहत औषधीय पौधों के अनुसंधान, उनके वैज्ञानिक मानकीकरण और Herbal Medicines के गुणवत्ता मूल्यांकन पर सहयोग जारी रहेगा। इस साझेदारी का उद्देश्य औषधीय पौधों से विकसित उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत बनाना है। इसके साथ ही हर्बल दवाओं के गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने, परीक्षण प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने और अनुसंधान आधारित स्वास्थ्य उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल पारंपरिक औषधीय ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक मानकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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Assistive Devices की Quality होगी मजबूत
IPC और DSMNRU के बीच हुए नए MoU का उद्देश्य दिव्यांगजनों द्वारा उपयोग किए जाने वाले Assistive Devices की गुणवत्ता, सुरक्षा और कार्यक्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। इसके लिए वैज्ञानिक प्रोटोकॉल विकसित किए जाएंगे ताकि उपयोग में आने वाले उपकरणों की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा दिव्यांगजनों में दवा सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और Adverse Drug Reactions (ADR) की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करने के लिए Sign Language आधारित Pharmacovigilance Training Modules भी तैयार किए जाएंगे। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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‘विकसित यूपी-विकसित भारत’ को मिलेगा सहयोग
IPC के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलैसेल्वन ने कहा कि ये दोनों सहयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्ता मानकों और संस्थागत साझेदारियों को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं और दवा गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उनके अनुसार सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य उत्पादों तक लोगों की पहुंच बढ़ाना ही इन पहलों का प्रमुख उद्देश्य है। IPC ने कहा कि ये साझेदारियां राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाओं, वैज्ञानिक नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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