CBI ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि डॉ. शिरुरे ने कथित तौर पर एक अभ्यर्थी के परिवार से ₹5 लाख लेकर उसे परीक्षा से पहले अपने अस्पताल में लीक हुआ Chemistry Question Paper दिखाया था। जांच एजेंसी का दावा है कि यह घटना मई में आयोजित मूल परीक्षा से पहले हुई। CBI ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर ने दो अन्य डॉक्टरों को भी सह-आरोपी प्रहलाद कुलकर्णी से मिलवाया, जिनके बच्चों को भी कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। एजेंसी के अनुसार मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संगठित Paper Leak Syndicate से जुड़ा है।यह भी पढ़ें: Dharmendra Pradhan Resignation: इस्तीफा देकर युवाओं से क्या बोले शिक्षा मंत्री? Letter में कही बड़ी बात...
Court ने क्यों खारिज की Bail?
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और इस चरण में आरोपी को रिहा करने से गवाहों को प्रभावित करने या जांच पर असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी माना कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में Paper Leak केवल परीक्षा प्रणाली ही नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य और सार्वजनिक विश्वास को भी प्रभावित करता है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को कथित साजिश का सक्रिय हिस्सा माना और इस कारण जमानत देने से इनकार कर दिया।
13 आरोपियों की Judicial Custody बढ़ी
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने NEET 2026 Paper Leak केस में गिरफ्तार सभी 13 आरोपियों की Judicial Custody भी 6 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी। CBI इस मामले में विभिन्न आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन, Question Paper के कथित प्रसार और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों और शिक्षा क्षेत्र की नजर बनी हुई है।यह भी पढ़ें: NEET Protest पर देर रात PM Modi का छात्रों को बड़ा संदेश, क्या बदलने वाली है परीक्षा व्यवस्था?
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB ) सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।

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