नई दिल्ली, 23 जून 2026
देश में मेडिकल शिक्षा की सर्वोच्च नियामक संस्था, National Medical Commission (NMC) ने पोस्टग्रेजुएट चिकित्सा पाठ्यक्रमों को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। NMC के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (PGMEB) ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 से सभी प्रकार के PG Diploma कोर्सेज में नए Admissions को पूरी तरह से बंद करने का आधिकारिक निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही, कमीशन ने देश भर के सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को अपने मौजूदा PG Diploma सीटों को पूर्णकालिक MD (Doctor of Medicine) और MS (Master of Surgery) सीटों में बदलने (Conversion) के लिए तत्काल आवेदन करने को कहा है।
सीटों के Conversion का नियम
NMC द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार, देश के जितने भी मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थान वर्तमान में PG Diploma कोर्सेज संचालित कर रहे हैं, उन्हें आगामी शैक्षणिक सत्रों के भीतर अपनी सीटों को MD/MS में अपग्रेड करना होगा। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कॉलेजों को आवश्यक न्यूनतम इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी की उपलब्धता और बेड स्ट्रेंथ से जुड़े मानकों को पूरा करना होगा। यदि कोई मेडिकल कॉलेज निर्धारित समय सीमा के भीतर इन सीटों के Conversion के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करता है, तो साल 2027-28 के सत्र से उसकी डिप्लोमा सीटों को पूरी तरह से अमान्य घोषित कर दिया जाएगा, जिससे वहां नए दाखिले नहीं हो सकेंगे।
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चिकित्सा शिक्षा में सुधार का उद्देश्य
National Medical Commission का यह कदम देश के Medical Education System में सुधार लाने और उसे वैश्विक मानकों (Global Standards) के अनुरूप बनाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। दरअसल, काफी समय से यह महसूस किया जा रहा था कि दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्सेज की तुलना में तीन वर्षीय डिग्री कोर्सेज (MD/MS) छात्रों को अधिक गहन व्यावहारिक अनुभव और विशेषज्ञता प्रदान करते हैं। कमीशन का मानना है कि इस नीतिगत बदलाव से देश में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी, क्योंकि डिप्लोमा सीटें अब पूरी तरह से डिग्री सीटों में बदल जाएंगी, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में उच्च योग्यता वाले विशेषज्ञों की संख्या में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी।
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मेडिकल कॉलेजों के लिए समय सीमा
NMC ने स्पष्ट किया है कि यह अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि कॉलेजों को बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। अकादमिक सत्र 2027-28 से प्रभावी होने वाले इस आदेश के लिए मेडिकल कॉलेजों को चालू और आगामी सत्रों के दौरान ही नेशनल मेडिकल कमीशन के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीटों के कन्वर्जन का प्रस्ताव सौंपना होगा। कमीशन द्वारा गठित निरीक्षण टीमें इन संस्थानों की क्षमताओं का आकलन करेंगी और मानक सही पाए जाने पर ही डिप्लोमा सीटों को MD/MS सीटों में बदलने की अंतिम मंजूरी प्रदान करेंगी। इस फैसले के बाद से देश भर के चिकित्सा शिक्षा जगत और मेडिकल छात्रों के बीच हलचल तेज हो गई है।
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