नई दिल्ली, 10 जून 2026
National Medical Commission (NMC) में लंबे समय से खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को लेकर Supreme Court में एक गंभीर मुद्दा उठाया गया है। Court द्वारा नियुक्त Amicus Curiae ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि NMC में रिक्तियों और प्रमुख वैधानिक पदों पर नियुक्तियों में देरी के कारण Medical Admissions, College Approvals, Inspections और Appeals की प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन प्रशासनिक देरी का सबसे बड़ा असर मेडिकल छात्रों पर पड़ रहा है और शैक्षणिक कैलेंडर भी प्रभावित हो रहा है।
छात्रों पर सबसे अधिक प्रभाव
Amicus Curiae की रिपोर्ट में कहा गया है कि NMC की प्रशासनिक चुनौतियों का सीधा प्रभाव मेडिकल शिक्षा प्रणाली पर दिखाई दे रहा है। Medical Colleges से जुड़े निरीक्षण, मान्यता, सीटों की स्वीकृति और विभिन्न अपीलों के निस्तारण में देरी होने से Admissions प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार इन विलंबों के कारण छात्रों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है और कई बार शैक्षणिक गतिविधियों की समयसीमा भी प्रभावित होती है। रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि संस्थागत स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया समय पर पूरी न होने से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
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Approvals और Inspections में देरी पर सवाल
रिपोर्ट में Medical Colleges से संबंधित Approvals और Inspections की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई गई है। Amicus ने कहा कि NMC के विभिन्न निकायों में रिक्त पदों के कारण कई प्रशासनिक निर्णय समय पर नहीं हो पा रहे हैं। इसका प्रभाव नए कॉलेजों, सीट वृद्धि, मान्यता संबंधी मामलों और अन्य नियामकीय प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार आवश्यक पदों पर नियुक्तियां न होने से कार्यभार बढ़ता है और निर्णय प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में अनिश्चितता पैदा होती है।
पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता पर भी टिप्पणी
Amicus Curiae ने अपनी रिपोर्ट में NMC के कामकाज में पारदर्शिता की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया कि रिक्तियों के अलावा संस्थागत पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे भी सामने आए हैं, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। Supreme Court के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि नियामक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। इससे Medical Education System में स्थिरता आएगी और छात्रों तथा संस्थानों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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Supreme Court में उठा मामला
यह मामला Supreme Court के समक्ष उस समय आया जब Court द्वारा नियुक्त Amicus Curiae ने NMC की कार्यप्रणाली और लंबित प्रशासनिक मुद्दों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि प्रमुख वैधानिक पदों पर नियुक्तियों में देरी और लगातार बनी रिक्तियां मेडिकल शिक्षा प्रशासन को प्रभावित कर रही हैं। अब इस मामले में Supreme Court की आगे की सुनवाई और संभावित निर्देशों पर सभी संबंधित पक्षों की नजर रहेगी।
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