Subscribe to get Updates
  • Login
Medical Reporter
No Result
View All Result
  • Home
  • खबरें
    • राष्ट्रीय ख़बरें
    • दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हिमाचल
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • डायग्नोज
    • एलोपैथी
    • होम्योपैथी
    • आयुर्वेदिक
    • यूनानी
    • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
    • स्वस्थ आहार
    • सौंदर्य
  • नए उत्पाद
    • नई दवाएं
    • सर्जिकल आइटम
    • फिटनेस उपकरण
    • सौंदर्य प्रसाधन
    • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल कानून
    • कोर्ट की खबरें
    • सरकारी नीतियां
    • नए कानून
    • शासनादेश
  • करियर
    • पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कोर्स
    • नए अवसर
    • मेडिकल स्टोर व्यवसाय
    • फ्रेंचाइजी-थर्ड पार्टी
    • पैथोलॉजी सेंटर
    • मार्केटिंग क्षेत्र
    • मेडिकल रिसर्च
  • एक्स्पर्ट्स
    • मेडिकल की पाठशाला
  • Home
  • खबरें
    • राष्ट्रीय ख़बरें
    • दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हिमाचल
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • डायग्नोज
    • एलोपैथी
    • होम्योपैथी
    • आयुर्वेदिक
    • यूनानी
    • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
    • स्वस्थ आहार
    • सौंदर्य
  • नए उत्पाद
    • नई दवाएं
    • सर्जिकल आइटम
    • फिटनेस उपकरण
    • सौंदर्य प्रसाधन
    • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल कानून
    • कोर्ट की खबरें
    • सरकारी नीतियां
    • नए कानून
    • शासनादेश
  • करियर
    • पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कोर्स
    • नए अवसर
    • मेडिकल स्टोर व्यवसाय
    • फ्रेंचाइजी-थर्ड पार्टी
    • पैथोलॉजी सेंटर
    • मार्केटिंग क्षेत्र
    • मेडिकल रिसर्च
  • एक्स्पर्ट्स
    • मेडिकल की पाठशाला
No Result
View All Result
Medical Reporter
No Result
View All Result
Home खबरें

चीन पर बढ़ती अमेरिकी Pharma निर्भरता से सप्लाई संकट का खतरा, Heparin को लेकर चेतावनी

Medical Reporter by Medical Reporter
May 16, 2026
in खबरें, राष्ट्रीय ख़बरें
0
Heparin
0
SHARES
12
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली, 16 मई

अमेरिका का Pharmaceutical और Biotech सेक्टर चीन की सप्लाई चेन पर तेजी से निर्भर होता जा रहा है। एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि अमेरिका-चीन संबंधों में तनाव बढ़ता है या सप्लाई बाधित होती है, तो इससे अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। खासतौर पर Blood Thinner दवा ‘Heparin’ को लेकर बड़ा जोखिम बताया गया है।

Heparin सप्लाई में चीन का दबदबा

अमेरिकी ऑनलाइन पत्रिका The National Interest में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली Heparin दवा की लगभग 70 प्रतिशत सप्लाई चीन से आती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में Heparin API (Active Pharmaceutical Ingredient) बनाने वाले प्रमुख प्लांट अब चीनी कंपनियों के नियंत्रण में हैं।

विस्कॉन्सिन स्थित SPL और ओहायो स्थित Smithfield Bioscience अब चीनी कंपनियों की सहायक इकाइयां बन चुके हैं। इसके चलते अमेरिका के पास Heparin का कोई स्वतंत्र और व्यावसायिक स्तर का घरेलू उत्पादक नहीं बचा है।

2007-08 की घटना का भी किया गया जिक्र

रिपोर्ट में वर्ष 2007-08 की उस गंभीर घटना का उल्लेख किया गया है, जब चीन से आई दूषित Heparin के कारण कम से कम 149 अमेरिकी नागरिकों की मौत हो गई थी। यह दूषित सप्लाई 11 देशों तक पहुंची थी।

जांच में इसका स्रोत चीन के Jiangsu प्रांत के Changzhou शहर को बताया गया था। हालांकि, चीनी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था और अमेरिकी Food and Drug Administration (FDA) को आपराधिक जांच की अनुमति नहीं दी गई थी। मामले में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।

निर्भरता कम करने के बजाय और बढ़ी

लेख में कहा गया है कि 2008 की घटना के बाद भी अमेरिका ने अपनी निर्भरता कम करने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया। इसके उलट, कई अमेरिकी कंपनियां इस दवा के उत्पादन से बाहर होती गईं, जिससे चीन पर निर्भरता और मजबूत होती चली गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पादन स्रोत बढ़ने के बजाय लगातार घट रहे हैं। इससे चीनी API उत्पादकों का वैश्विक दबदबा बढ़ता जा रहा है और अमेरिकी मरीज ऐसी सप्लाई चेन पर निर्भर होते जा रहे हैं, जिस पर वॉशिंगटन का सीधा नियंत्रण नहीं है।

चीन की नई रणनीति पर भी चिंता

रिपोर्ट में Rhodium Group की मई 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि चीन अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत वैश्विक सप्लाई चेन में पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

बताया गया कि 2021 से 2024 के बीच उन उत्पादों की संख्या 192 से बढ़कर 315 हो गई है, जिनमें चीन का अत्यधिक दबदबा है।

मार्च 2026 में जारी चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में Bio-manufacturing को उन क्षेत्रों में शामिल किया गया है, जहां “निर्णायक सफलता” हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे संकेत मिलता है कि चीन Pharmaceutical Value Chain में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहता है।

Dialysis मरीजों पर पड़ सकता है सबसे ज्यादा असर

रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि यदि उत्पादन गुणवत्ता में कोई बड़ी गड़बड़ी होती है या अमेरिका-चीन के बीच कूटनीतिक विवाद बढ़ता है, तो चीन Heparin की सप्लाई रोक सकता है। ऐसी स्थिति में सबसे गंभीर असर Dialysis मरीजों पर पड़ सकता है, क्योंकि इस दवा का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर होता है।

अमेरिका ने शुरू की Strategic Reserve योजना

रिपोर्ट में अगस्त 2025 में जारी अमेरिकी Executive Order का भी उल्लेख किया गया है। इसके तहत ‘Strategic Active Pharmaceutical Ingredients Reserve’ (SAPIR) बनाने की योजना शुरू की गई थी।

इस योजना का उद्देश्य करीब दो दर्जन जरूरी दवाओं के लिए छह महीने का API भंडार तैयार करना है, जिसमें घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सरकार की प्रमुख ‘Flow-BARDA’ पहल मुख्य रूप से Continuous-flow Chemistry तकनीक पर आधारित है, जो छोटी रासायनिक दवाओं के लिए उपयुक्त मानी जाती है। जबकि Heparin जैसी जैविक दवा, जो पशु ऊतकों से तैयार होती है, उसका उत्पादन इस तकनीक से संभव नहीं है।

यह भी पढ़ें: JIPMER Convocation 2026: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा- Nursing और Allied Health Professionals हैं भारत की Health System की रीढ़

Tags: Active Pharmaceutical IngredientAmericaAPI SupplyBio-manufacturingBiotech SectorChinaChina Pharma DominanceDialysis PatientsFDAGlobal Supply ChainHealthcare CrisisHeparinPharma IndustryPharmaceutical Supply ChainRhodium GroupSAPIRStrategic API ReserveThe National InterestUS HealthcareUS-China Relations
Advertisement Banner
Previous Post

JIPMER Convocation 2026: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा- Nursing और Allied Health Professionals हैं भारत की Health System की रीढ़

Next Post

औषधीय गुणों से भरपूर Mahua: फूल, फल और बीज सेहत के लिए बेहद फायदेमंद

Medical Reporter

Medical Reporter

Next Post
Mahua

औषधीय गुणों से भरपूर Mahua: फूल, फल और बीज सेहत के लिए बेहद फायदेमंद

Discussion about this post

Recommended

CDSCO की DCC बैठक में बड़ा फैसला- बिना केंद्रीय मंजूरी के नई दवाओं के लाइसेंस अवैध

CDSCO की DCC बैठक में बड़ा फैसला- बिना केंद्रीय मंजूरी के नई दवाओं के लाइसेंस अवैध

12 months ago
Karnataka Hospitals: कर्नाटक के 8,728 अस्पतालों में से केवल 329 के पास है फायर सेफ्टी मंजूरी

Karnataka Hospitals: कर्नाटक के 8,728 अस्पतालों में से केवल 329 के पास है फायर सेफ्टी मंजूरी

11 months ago

Don't Miss

Saharanpur

Saharanpur Weather: घाड़ में हुई बारिश, फिर भी शहर में गर्मी से क्यों नहीं मिली राहत?

June 30, 2026
Ayushman Sarathi

Ayushman Sarathi Chatbot: अब WhatsApp पर मिलेंगी PM-JAY की कई सेवाएं, जानें कैसे करेगा काम…

June 30, 2026
National Ambulance Service

National Ambulance Service 2026: पूरे देश की Emergency Response कैसे बदलेगी?

June 30, 2026
Aarogya Setu

Aarogya Setu 2.0: अब Health Records से लेकर PM-JAY Wallet तक, क्या-क्या मिलेगा एक ही App में?

June 30, 2026
Medical Reporter

We bring you the best Medical Report that perfect for medical news! check out our website for details.
MedicalReporter.in एक विश्वसनीय और जानकारीपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहाँ आपको स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़ी ताज़ा खबरें, नई रिसर्च, मेडिकल अपडेट्स और विशेषज्ञों की राय एक ही जगह पर मिलती है। इस वेबसाइट का उद्देश्य आम लोगों तक सही, प्रमाणिक और आसान भाषा में हेल्थ से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है, ताकि वे अपनी सेहत के प्रति जागरूक और सचेत रह सकें।

यह प्लेटफॉर्म न केवल आम पाठकों के लिए उपयोगी है, बल्कि डॉक्टर, मेडिकल स्टूडेंट्स और हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए भी एक भरोसेमंद स्रोत है। MedicalReporter.in पर आपको बीमारियों, इलाज, नई दवाओं, हेल्थ टिप्स और मेडिकल इंडस्ट्री से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी समय-समय पर अपडेट के साथ मिलती रहती है।

Follow us

Recent News

Saharanpur

Saharanpur Weather: घाड़ में हुई बारिश, फिर भी शहर में गर्मी से क्यों नहीं मिली राहत?

June 30, 2026
Ayushman Sarathi

Ayushman Sarathi Chatbot: अब WhatsApp पर मिलेंगी PM-JAY की कई सेवाएं, जानें कैसे करेगा काम…

June 30, 2026
National Ambulance Service

National Ambulance Service 2026: पूरे देश की Emergency Response कैसे बदलेगी?

June 30, 2026
Aarogya Setu

Aarogya Setu 2.0: अब Health Records से लेकर PM-JAY Wallet तक, क्या-क्या मिलेगा एक ही App में?

June 30, 2026

Categories

  • Medical Reporter
  • आयुर्वेदिक
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • एक्स्पर्ट्स
  • एलोपैथी
  • करियर
  • कोर्ट की खबरें
  • खबरें
  • डायग्नोज
  • दिल्ली
  • नई दवाएं
  • नए अवसर
  • नए उत्पाद
  • नए कानून
  • पंजाब
  • फिटनेस उपकरण
  • मार्केटिंग क्षेत्र
  • मुख्य समाचार-खबरें
  • मेडिकल कानून
  • मेडिकल की पाठशाला
  • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल रिसर्च
  • यूनानी
  • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
  • राजस्थान
  • राष्ट्रीय ख़बरें
  • शासनादेश
  • सरकारी नीतियां
  • सर्जिकल आइटम
  • सौंदर्य
  • स्वस्थ आहार
  • हरियाणा
  • हिमाचल
  • होम्योपैथी
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2026 Medical Reporter.

No Result
View All Result
  • Home
  • खबरें
    • राष्ट्रीय ख़बरें
    • दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • हिमाचल
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
  • डायग्नोज
    • एलोपैथी
    • होम्योपैथी
    • आयुर्वेदिक
    • यूनानी
    • योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा
    • स्वस्थ आहार
    • सौंदर्य
  • नए उत्पाद
    • नई दवाएं
    • सर्जिकल आइटम
    • फिटनेस उपकरण
    • सौंदर्य प्रसाधन
    • मेडिकल डिवाइस
  • मेडिकल कानून
    • कोर्ट की खबरें
    • सरकारी नीतियां
    • नए कानून
    • शासनादेश
  • करियर
    • पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कोर्स
    • नए अवसर
    • मेडिकल स्टोर व्यवसाय
    • फ्रेंचाइजी-थर्ड पार्टी
    • पैथोलॉजी सेंटर
    • मार्केटिंग क्षेत्र
    • मेडिकल रिसर्च
  • एक्स्पर्ट्स
    • मेडिकल की पाठशाला

© 2026 Medical Reporter.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In