उत्तर प्रदेश के Saharanpur में काली नदी, ढमोला नदी और हिंडन नदी के आसपास Cancer Cases बढ़ने की शिकायतों को लेकर अब Uttar Pradesh विधानसभा की याचिका समिति ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की जमीनी स्थिति की पड़ताल के लिए समिति ने 3 सदस्यीय Team को Saharanpur भेजने का फैसला किया है। Team संबंधित नदी क्षेत्रों का दौरा कर Cancer Cases से जुड़ी शिकायतों, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और अब तक हुई जांच की स्थिति की समीक्षा करेगी। समिति ने संबंधित विभागों से 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। हालांकि, अभी यह स्थापित नहीं हुआ है कि इन नदियों या उनके पानी की वजह से Cancer Cases बढ़ रहे हैं।
3 सदस्यीय Team करेगी जांच
विधानसभा में Saharanpur देहात विधायक आशु मलिक की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाए जाने के बाद याचिका समिति ने मामले को गंभीरता से लिया। लखनऊ स्थित विधान भवन में समिति की बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी लंबित याचिकाओं पर चर्चा के दौरान Saharanpur में बढ़ते Cancer Cases की शिकायतों का मुद्दा सामने आया। विधायक के अनुसार, वर्ष 2022 से काली, ढमोला और हिंडन नदी के आसपास के क्षेत्रों में Cancer Cases बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। अब समिति के 3 सदस्य Saharanpur पहुंचकर मौके की स्थिति देखेंगे। Team यह भी समीक्षा करेगी कि संबंधित विभागों ने पहले दिए गए निर्देशों पर कितना अमल किया है और प्रभावित क्षेत्रों में अब तक क्या जांच या स्वास्थ्य संबंधी कार्रवाई हुई है।
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पुराने निर्देशों पर भी उठे सवाल
बैठक के दौरान विधायक आशु मलिक ने पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, संबंधित विभागों को Pollution Control Board और Health Department की संयुक्त Team से जांच, नदी क्षेत्रों से पानी के Samples लेने और Medical College के माध्यम से Health Check-up Camps आयोजित कराने जैसे निर्देश दिए गए थे। विधायक ने समिति के सामने सवाल रखा कि इन निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका कहना था कि मामला केवल सरकारी रिपोर्ट और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक स्थिति की जांच होनी चाहिए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में इन शिकायतों और Cancer Cases के बीच किसी कारणात्मक संबंध की पुष्टि नहीं की गई है।
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मामला कई क्षेत्रों से जुड़ा
समिति की बैठक में यह भी सामने आया कि Cancer Cases को लेकर चिंता केवल एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। आशु मलिक ने बताया कि आसपास के विधानसभा क्षेत्रों और अन्य जनपदों में भी लोग इस समस्या को लेकर चिंता जता रहे हैं। इसी वजह से नदी क्षेत्रों और आसपास रहने वाली आबादी की Health स्थिति का विस्तृत अध्ययन किए जाने की आवश्यकता बताई गई। इस जांच में पानी, आसपास के Environment और स्थानीय लोगों की Health स्थिति जैसे पहलुओं की समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल समिति का उद्देश्य शिकायतों की जमीनी स्थिति और संबंधित विभागों की कार्रवाई का आकलन करना है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि पहले दिए गए निर्देशों पर कितना काम हुआ और आगे किन कदमों की जरूरत है।
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15 दिन में रिपोर्ट, लापरवाही पर कार्रवाई
पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में कथित लापरवाही का मुद्दा सामने आने पर याचिका समिति के सभापति सतीश महाना ने नाराजगी जताई। समिति ने संबंधित विभागों को 15 दिन में अब तक की जांच और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही सामने आती है या समिति को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह करने का प्रयास किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। बैठक में Saharanpur के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को भी तलब किया गया। अब 3 सदस्यीय Team के दौरे और विभागीय रिपोर्ट के बाद ही इस मामले की जमीनी स्थिति तथा आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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