– ‘सीएम जन सुनवाई’ में मिली शिकायत पर तत्काल कार्रवाई
– निरीक्षण के बाद विस्तृत जांच के आदेश, दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई
– मरीजों को समय पर और सम्मानजनक इलाज सुनिश्चित करने पर सरकार का जोर

प्रस्तुति: दीपक अरोड़ा
नई दिल्ली( मेडिकल रिपोर्टर) | दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल की जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सीएम जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल का तत्काल निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कुछ प्रारंभिक अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद सरकार ने विस्तृत जांच शुरू करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि दिल्ली का हर अस्पताल मरीजों को जिम्मेदारी, पारदर्शिता और सम्मान के साथ इलाज देने के लिए बाध्य है तथा मरीजों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फरवरी 2026 में शुरू किए गए ‘सीएम जन सुनवाई’ कार्यक्रम के तहत नागरिक सरकारी सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इस पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस सहित विभिन्न विभागों तक शिकायतें एक ही मंच से पहुंचाई जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले भी कह चुकी हैं कि जनसुनवाई केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
पहले भी विवादों में रहा है फोर्टिस अस्पताल
फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग वर्ष 2017 के चर्चित मेडिकल लापरवाही मामले को लेकर भी सुर्खियों में रह चुका है। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पताल से जुड़े दो डॉक्टरों की योग्यता की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला एक नवजात शिशु के इलाज के दौरान कथित गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़ा है। वहीं, दिल्ली मेडिकल काउंसिल दोनों डॉक्टरों को उनकी योग्यता की जांच पूरी होने तक स्वयं को ‘नियोनेटोलॉजिस्ट’ या सुपर-स्पेशलिस्ट के रूप में प्रस्तुत करने से रोक चुकी है।
सरकार ने कहा है कि निरीक्षण रिपोर्ट की गहन समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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दीपक अरोड़ा
(BAJMC,LLB)
(पिछले छह वर्षों से प्रिंट, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं , सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक,स्वास्थ्य एवं समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग, स्पेशल रिपोर्ट , समीक्षा आदि विषयों पर कार्य करते हैं और तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।)
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