अहमदाबाद, 30 मई 2026
गुजरात में इबोला वायरस को लेकर सामने आए संदिग्ध मामले में राहत भरी खबर आई है। कांगो से आए एक संदिग्ध मरीज की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल पंशेरिया ने इसकी जानकारी देते हुए नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट से दूर रहने की अपील की है।
मंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में प्रफुल पंशेरिया ने कहा कि कांगो से आए इबोला वायरस के संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के डर या भ्रम में न पड़ें और केवल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि गुजरात सरकार और स्वास्थ्य विभाग जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क, सुसज्जित और प्रतिबद्ध हैं।
चार लोगों को किया गया था क्वारंटाइन
इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने अफ्रीका से हाल ही में लौटे एक व्यवसायी समेत चार लोगों को एहतियातन क्वारंटाइन किया था। जानकारी के अनुसार 37 वर्षीय व्यवसायी अमोरी लोकोला लगभग पांच से सात दिन पहले मुंबई पहुंचे थे और बाद में वडोदरा गए थे।
वडोदरा पहुंचने के बाद उन्हें बुखार की शिकायत हुई, जिसके चलते उन्हें बैंकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलने के बाद उन्हें आगे की जांच और निगरानी के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया। अस्पताल में इबोला जैसे संभावित मामलों के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किया गया था।
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WHO की चेतावनी के बाद बढ़ी निगरानी
इबोला वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद भारत के कई राज्यों ने निगरानी बढ़ा दी है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं।
इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया है। गुजरात स्वास्थ्य विभाग भी संभावित जोखिमों को देखते हुए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इबोला के मामलों को देखते हुए निगरानी जारी रखी जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और केवल सरकारी स्रोतों से जारी सूचनाओं को ही सही मानें।
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