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Gaza Crisis: गाजा में 1.25 लाख से ज्यादा Skin Infection Cases, UN Agency ने जताई चिंता

खबर का सार

UNRWA के अनुसार गाजा में 1.25 लाख से अधिक लोग Skin Infection से पीड़ित हैं। गंदगी, दूषित पानी और दवाओं की कमी के बीच राहत एजेंसी ने गंभीर स्वास्थ्य संकट की चेतावनी दी है।

Gaza Crisis

नई दिल्ली, 27 मई

गाजा पट्टी में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। फिलिस्तीनी विस्थापितों के लिए काम कर रही संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए (UNRWA) ने दावा किया है कि गाजा में अब तक 1.25 लाख से अधिक Skin Infection Cases सामने आ चुके हैं। एजेंसी के मुताबिक गंदगी, दूषित पानी, चूहों और कीड़ों के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

UN Agency ने जारी किया Video

यूएनआरडब्ल्यूए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें अस्थायी शिविरों के आसपास गंदा पानी जमा दिखाई दे रहा है। वीडियो में कीड़ों की मौजूदगी और संक्रमण से परेशान लोग अपनी तकलीफ बताते नजर आए।

एजेंसी ने कहा कि हजारों मरीजों का इलाज किया जा रहा है, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

अस्थायी शिविरों में बढ़ा खतरा

यूएन एजेंसी के अनुसार, गाजा में बड़ी संख्या में विस्थापित फिलिस्तीनी टेंटों और अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। साफ पानी की कमी, खराब स्वच्छता व्यवस्था और पुनर्निर्माण कार्य न होने के कारण बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

यूएनआरडब्ल्यूए ने बताया कि उसकी स्वच्छता टीमें प्रभावित इलाकों में सुरक्षित कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं ताकि संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके।

दवाओं और राहत सामग्री की भारी कमी

एजेंसी ने चेतावनी दी कि ईंधन, दवाओं, कीटनाशकों और टेंट की भारी कमी राहत कार्यों को प्रभावित कर रही है। यूएनआरडब्ल्यूए ने कहा कि मौजूदा सुविधाएं जरूरत के मुकाबले बेहद नाकाफी हैं और गाजा में तत्काल मेडिकल तथा स्वच्छता सामग्री पहुंचाने की जरूरत है।

युद्ध के बाद बिगड़े हालात

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके बाद इजरायली सेना आईडीएफ (IDF) ने गाजा में हमास के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू किया।

लगातार संघर्ष के चलते गाजा में लाखों लोग विस्थापित हुए। बाद में अक्टूबर 2025 में अमेरिका समेत कई देशों की मध्यस्थता के बाद सीजफायर का ऐलान किया गया, लेकिन मानवीय संकट अब भी गंभीर बना हुआ है।

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