नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026
भारतीय डॉक्टरों समेत International Medical Graduates (IMGs) के लिए अमेरिका में करियर बनाने का एक नया रास्ता खुल गया है। American Board of Internal Medicine (ABIM) ने एक नया Pilot Pathway (Pathway E) लागू किया है, जिसके तहत पात्र डॉक्टर अब पारंपरिक US Internal Medicine Residency किए बिना भी Internal Medicine Board Certification के लिए पात्र बन सकते हैं। हालांकि यह सुविधा सभी डॉक्टरों के लिए नहीं है और इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
किन डॉक्टरों को मिलेगा लाभ?
ABIM के अनुसार यह नया Pathway केवल उन International Medical Graduates के लिए है, जिन्होंने अमेरिका या कनाडा के बाहर कम से कम तीन वर्ष की Internal Medicine Residency पूरी की हो। इसके अलावा उन्हें अमेरिका में ACGME-accredited Internal Medicine Subspecialty Fellowship में “Exceptionally Qualified Candidate” या ACGME-International Residency के ग्रेजुएट के रूप में प्रवेश मिला हो, Fellowship सफलतापूर्वक पूरी की हो और उनके पास वैध ECFMG Certification भी हो। इन शर्तों को पूरा करने के बाद ही वे Internal Medicine Certification Exam के लिए आवेदन कर सकेंगे।
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क्या पूरी तरह खत्म हो गई US Residency की जरूरत?
नई व्यवस्था का अर्थ यह नहीं है कि सभी भारतीय डॉक्टर सीधे US Board Certification प्राप्त कर सकेंगे। यह Pathway केवल सीमित पात्र उम्मीदवारों पर लागू होगा और उन्हें पहले अमेरिका में मान्यता प्राप्त Fellowship पूरी करनी होगी। Fellowship पूरी करने के बाद ही वे ABIM Internal Medicine Certification Examination देने के पात्र होंगे। परीक्षा पास करने के बाद ही संबंधित Subspecialty Certification की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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भारतीय डॉक्टरों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह Pathway उन भारतीय डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है, जिन्होंने भारत में MD Internal Medicine या समकक्ष प्रशिक्षण पूरा किया है और अमेरिका में Fellowship हासिल करने में सफल होते हैं। ABIM का अनुमान है कि इस Pilot Pathway के तहत पहले से ही हजारों अंतरराष्ट्रीय डॉक्टर पात्र हो सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य योग्य International Medical Graduates के अनुभव और कौशल का बेहतर उपयोग करना है, जबकि Board Certification के लिए आवश्यक गुणवत्ता मानकों को भी बनाए रखना है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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