नई दिल्ली | 16 जून 2026
केंद्र सरकार ने अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 2-Bromo-4-Methylpropiophenone को Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (NDPS) Act के तहत Controlled Substance घोषित कर दिया है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब इस रसायन के निर्माण, वितरण, बिक्री, खरीद, भंडारण, आयात-निर्यात और उपयोग से जुड़े सभी व्यक्तियों एवं संस्थाओं को Narcotics Control Bureau (NCB) के साथ अनिवार्य रूप से Registration कराना होगा। सरकार का कहना है कि इस रसायन का उपयोग Mephedrone जैसे अवैध Psychotropic Drugs के निर्माण में किया जा रहा था, जिसके चलते इसे नियंत्रण सूची में शामिल किया गया है।
Mephedrone कनेक्शन के बाद सरकार हुई सख्त
सरकार के अनुसार 2-Bromo-4-Methylpropiophenone का उपयोग हाल के वर्षों में Mephedrone जैसे प्रतिबंधित और नशीले पदार्थों के निर्माण में बढ़ता हुआ पाया गया है। जांच एजेंसियों और Narcotics Control Bureau की रिपोर्टों के आधार पर इस रसायन को Controlled Substance की श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से अवैध ड्रग निर्माण श्रृंखला की निगरानी आसान होगी और ऐसे रसायनों की अनियंत्रित उपलब्धता पर रोक लग सकेगी। इससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अवैध ड्रग नेटवर्क की पहचान और कार्रवाई में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
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कारोबार से जुड़े सभी पक्षों के लिए Registration जरूरी
नई अधिसूचना के तहत इस रसायन से जुड़े निर्माता, वितरक, व्यापारी, आयातक, निर्यातक और औद्योगिक उपयोगकर्ता सभी को NCB के साथ Registration कराना होगा। इसके लिए संबंधित संस्थाओं को निर्धारित Form-A में आवेदन करना होगा और Form-B को अपने क्षेत्र के NCB Zonal Director के समक्ष जमा करना होगा। सरकार ने Registration प्रक्रिया पूरी करने के लिए 7 अगस्त 2026 तक का समय दिया है। यह अवधि कानूनी रूप से निर्धारित 180 दिनों की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए तय की गई है, ताकि सभी संबंधित पक्ष समय रहते नियमों का अनुपालन कर सकें।
स्टॉक विवरण जमा करने के निर्देश
सरकार ने इस रसायन का स्टॉक रखने वाले सभी व्यवसायों और संस्थाओं को अपने मौजूदा भंडार का विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिसूचना के अनुसार 30 जून 2026 तक उपलब्ध स्टॉक की जानकारी Form-X के माध्यम से 10 जुलाई 2026 तक NCB को भेजनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे देशभर में उपलब्ध स्टॉक का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा और भविष्य में इस रसायन की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। यह प्रक्रिया Supply Chain Transparency बढ़ाने और नियामकीय निगरानी मजबूत करने का हिस्सा मानी जा रही है।
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नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि 7 सितंबर 2026 के बाद यदि कोई व्यक्ति या संस्था निर्धारित नियमों का पालन किए बिना 2-Bromo-4-Methylpropiophenone से संबंधित गतिविधियों में शामिल पाई जाती है, तो उसके खिलाफ NDPS Act, 1985 की धारा 25A के तहत कार्रवाई की जाएगी। NCB ने बताया है कि Registration प्रक्रिया, निर्धारित Forms और Zonal Units से संबंधित सभी जानकारी उसके आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण में प्रयुक्त Precursor Chemicals की निगरानी को मजबूत करेगा और Drug Control Framework को और प्रभावी बनाएगा।
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