सिगरेट, बीड़ी, हुक्का या Vaping की शुरुआत कई बार शौक, दोस्तों के साथ समय बिताने या Stress कम करने के लिए होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत Nicotine Dependence में बदल सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति चाहने के बावजूद Smoking या Vaping छोड़ने में परेशानी महसूस कर सकता है। बार-बार Nicotine लेने की इच्छा, बेचैनी, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में दिक्कत जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। उपलब्ध स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार Nicotine Dependence केवल एक खराब आदत नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक निर्भरता से जुड़ी स्थिति है।
Nicotine Dependence क्या है?
Nicotine तंबाकू के पौधे में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला Chemical है। सिगरेट, बीड़ी, हुक्का और E-Cigarette या Vape के जरिए यह शरीर में पहुंच सकता है। स्रोत के अनुसार Smoking या Vaping के दौरान Nicotine फेफड़ों के रास्ते तेजी से Brain तक पहुंचता है और Dopamine के Release को बढ़ाता है। इससे व्यक्ति को कुछ समय के लिए खुशी, शांति, Focus या हल्कापन महसूस हो सकता है। लेकिन यह प्रभाव ज्यादा देर नहीं रहता। असर कम होने के बाद Brain दोबारा Nicotine की मांग करने लगता है। इसी तरह धीरे-धीरे Nicotine Dependence विकसित हो सकती है और व्यक्ति को बार-बार Smoking या Vaping करने की जरूरत महसूस होने लगती है।
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लत छोड़ने पर क्या होता है?
Nicotine Dependence विकसित होने के बाद जब व्यक्ति Smoking या Vaping बंद करता है, तो शरीर में Nicotine का स्तर कम होने लगता है। इसके साथ Withdrawal Symptoms सामने आ सकते हैं, जिसके कारण लत छोड़ना कठिन महसूस होता है। इनमें Smoking या Vape की तेज Craving, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, बेचैनी और घबराहट शामिल हो सकती है। कुछ लोगों को Headache, नींद में परेशानी, ज्यादा भूख लगना या वजन बढ़ना और Focus करने में दिक्कत जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यही Withdrawal Symptoms कई लोगों को दोबारा Smoking या Vaping शुरू करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
कैसे पहचानें Nicotine की लत?
Nicotine Dependence के कुछ संकेत रोजमर्रा के व्यवहार में दिखाई दे सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति कई बार कोशिश करने के बावजूद Smoking या Vaping छोड़ नहीं पाता, तो यह निर्भरता का संकेत हो सकता है। सुबह उठने के तुरंत बाद Smoking की जरूरत महसूस होना, बीमार होने के बावजूद इसे जारी रखना और Stress के समय Cigarette या Vape को सहारे के तौर पर इस्तेमाल करना भी महत्वपूर्ण संकेत बताए गए हैं। इसके अलावा यदि Smoking या Vaping की वजह से Social Life प्रभावित होने लगे, तो इसे भी गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे संकेतों को केवल इच्छाशक्ति की कमी मानने के बजाय Nicotine Dependence के संदर्भ में समझना जरूरी है।
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Nicotine Dependence से कैसे निकलें?
Nicotine Dependence से बाहर निकलने के लिए केवल Willpower पर निर्भर रहने के बजाय एक व्यवस्थित योजना मददगार हो सकती है। उपलब्ध जानकारी में NRT यानी Nicotine Replacement Therapy, Smoking या Vaping के Triggers की पहचान और Counselling या Support Groups का उल्लेख किया गया है। व्यक्ति को यह समझने की जरूरत होती है कि किन परिस्थितियों में उसे Nicotine लेने की इच्छा सबसे ज्यादा होती है और उन Triggers से कैसे बचा जा सकता है। किसी भी दवा, Treatment या Therapy को अपनी मर्जी से शुरू नहीं करना चाहिए। इसके लिए Qualified Doctor या संबंधित Healthcare Expert की सलाह लेना जरूरी है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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