अगर आपकी बाहों, जांघों या गालों पर छोटे-छोटे दाने या उभार दिखाई देते हैं और त्वचा छूने पर खुरदरी महसूस होती है, तो यह Keratosis Pilaris हो सकता है। इसे आम भाषा में चिकन स्किन भी कहा जाता है। अभिनेत्री Yami Gautam भी इस स्किन कंडीशन के बारे में सार्वजनिक रूप से बात कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी त्वचा को छिपाने या तस्वीरों को एडिट करने के बजाय इसे स्वीकार करने की बात कही थी। Keratosis Pilaris एक आम त्वचा संबंधी स्थिति है और यह संक्रामक नहीं होती।
Keratosis Pilaris क्या है?
Keratosis Pilaris एक ऐसी स्किन कंडीशन है जिसमें त्वचा की सतह पर छोटे, सूखे और सख्त दाने या उभार दिखाई देते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इन दानों के कारण त्वचा छूने पर सैंडपेपर जैसी खुरदरी महसूस हो सकती है। यह स्थिति मुख्य रूप से ऊपरी बांहों, जांघों और गालों पर दिखाई देती है, हालांकि कुछ मामलों में पीठ या नितंबों की त्वचा भी प्रभावित हो सकती है। आमतौर पर ये दाने दर्दनाक नहीं होते और Keratosis Pilaris किसी व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। हालांकि, त्वचा की बनावट में बदलाव के कारण कुछ लोगों को यह सुंदरता से जुड़ी चिंता लग सकती है।
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क्यों होती है Keratosis Pilaris?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, Keratosis Pilaris का संबंध त्वचा में मौजूद केराटिन नामक प्रोटीन के जमाव से है। सामान्य स्थिति में केराटिन त्वचा को बाहरी तत्वों से सुरक्षा देने में मदद करता है, लेकिन जब इसका जमाव मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ बालों के रोमछिद्रों में होने लगता है, तो छोटे-छोटे उभार दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा आनुवंशिक कारण भी Keratosis Pilaris की संभावना को प्रभावित कर सकते हैं। यदि परिवार में किसी सदस्य को यह समस्या रही है, तो दूसरे सदस्यों में भी इसका जोखिम बढ़ सकता है। एग्जिमा, अस्थमा और बहुत अधिक सूखी त्वचा वाले लोगों में भी इसके होने की संभावना अधिक बताई गई है।
लक्षण और पहचान कैसे करें?
Keratosis Pilaris की पहचान आमतौर पर त्वचा पर दिखाई देने वाले छोटे और बिना दर्द वाले उभारों से की जा सकती है। डर्मनेट के अनुसार, इस स्थिति में त्वचा की सतह खुरदरी हो सकती है और कुछ लोगों में रंग में बदलाव भी दिखाई दे सकता है। हल्की खुजली भी हो सकती है और मौसम के साथ इसके लक्षणों में बदलाव देखने को मिल सकता है। Keratosis Pilaris आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा नहीं माना जाता, लेकिन यदि त्वचा पर अचानक बदलाव हो, बहुत ज्यादा खुजली या जलन हो अथवा लक्षण लगातार बढ़ रहे हों, तो सही कारण जानने के लिए त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
Keratosis Pilaris को कैसे करें कंट्रोल?
Keratosis Pilaris का कोई निश्चित स्थायी इलाज नहीं बताया गया है, लेकिन सही स्किन केयर रूटीन से इसके लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। त्वचा को नियमित रूप से मॉइश्चराइज रखना, जरूरत के अनुसार एक्सफोलिएटिंग एसिड्स का इस्तेमाल करना और त्वचा को जोर से रगड़ने से बचना मददगार हो सकता है। बहुत गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने और जरूरत पड़ने पर ह्यूमिडिफायर का उपयोग करने की सलाह भी दी जाती है। हालांकि, किसी भी दवा, इलाज या घरेलू उपाय को बिना विशेषज्ञ की सलाह के शुरू नहीं करना चाहिए। यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से है और डॉक्टरी सलाह का विकल्प नहीं है।x1
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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