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Saharanpur News: घोड़े में Glanders की पुष्टि, क्या लोगों के लिए भी बन सकता है खतरा?

Saharanpur के नकुड़ क्षेत्र के गांव शेखपुरा में एक घोड़े में Glanders की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। डीएम ने जिले को कंट्रोल एरिया घोषित कर अश्व वर्ग के पशुओं के आवागमन पर रोक लगा दी है।

Saharanpur

सहारनपुर, 11 जून 2026

सहारनपुर के नकुड़ क्षेत्र के गांव शेखपुरा में एक घोड़े में Glanders रोग की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने पूरे जनपद को तत्काल प्रभाव से Control Area घोषित कर दिया है और अश्व वर्ग के पशुओं के जिले से बाहर जाने तथा बाहर से जिले में आने पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने इसे गंभीर पशु-स्वास्थ्य स्थिति मानते हुए निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है।

शेखपुरा में घोड़े की जांच में संक्रमण की पुष्टि

जारी आदेश के अनुसार विकासखंड नकुड़ के शेखपुरा निवासी गौरव पुत्र तेजपाल के घोड़े में Glanders रोग positive पाया गया। इसके बाद जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि बीमार पशुओं के serum sample लेने की कार्रवाई बिना रुकावट जारी रखी जाए, ताकि संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि Glanders एक संक्रामक बीमारी है और इसके प्रसार का जोखिम अन्य पशुओं तक भी हो सकता है।

घोड़े से इंसानों तक फैल सकता है Glanders

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार Glanders एक गंभीर और संक्रामक रोग है, जो घोड़ों से मनुष्यों में भी फैल सकता है। इसी कारण इसे Prevention and Control of Infectious Diseases in Animals Act-2009 के तहत अधिसूचित रोगों की श्रेणी में रखा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संक्रमित घोड़े के euthanasia और उसके सुरक्षित निस्तारण की जिम्मेदारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंपी है। साथ ही रोग की रोकथाम के लिए सभी जरूरी preventive measures अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

निगरानी बढ़ी, संदिग्ध पशुओं की जांच तेज

ग्लैंडर्स की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग ने जिले में निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध पशुओं की जांच पर जोर दिया जा रहा है। उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी और सभी पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से सैंपलिंग और जांच की प्रक्रिया जारी रखें। प्रशासन का मानना है कि समय रहते पहचान, आवागमन पर रोक और संक्रमित पशु का सुरक्षित प्रबंधन संक्रमण के फैलाव को रोकने में सबसे अहम कदम हैं। फिलहाल जिले में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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