Srinagar के Moj Gobur (Medlyn) Hospital, Chanapora में मरीजों की मौत से जुड़े मामलों ने स्वास्थ्य प्रशासन का ध्यान खींचा है। मामले की जांच के लिए Chief Medical Officer (CMO), Srinagar ने सात सदस्यीय समिति गठित की है। समिति यह पता लगाएगी कि संबंधित मामलों में किसी तरह की Medical Lapse, Negligence या Treatment में Delay की भूमिका रही या नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच का उद्देश्य घटनाओं से जुड़े परिस्थितियों की समीक्षा करना और यदि किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो आगे की कार्रवाई की सिफारिश करना है।
7 Member Committee गठित
CMO Srinagar की ओर से गठित समिति में Gousia Hospital, Srinagar से एक Gynaecologist, Surgeon और Anaesthetist के अलावा Clinical Establishment Section, CMO Office और PC&PNDT Wing के अधिकारी शामिल हैं। समिति को संबंधित मरीजों के मामलों की परिस्थितियों की विस्तृत जांच करने का जिम्मा दिया गया है। जांच में यह देखा जाएगा कि उपचार के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही, उपचार में देरी या अन्य Medical Lapse हुई थी या नहीं। यदि जांच में कोई जिम्मेदारी सामने आती है तो समिति संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक कदम सुझाने को भी कहा गया है।
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मरीजों की संख्या पर असमंजस
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात मरीजों की स्थिति को लेकर सामने आई है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में दो मरीजों से जुड़े मामलों की जांच का आदेश दिया गया है, लेकिन अधिकारियों के बयान में दोनों मरीजों की स्थिति को लेकर अंतर बताया गया है। एक आधिकारिक विवरण में केवल एक मरीज की मृत्यु होने और दूसरे के गंभीर हालत में जीवित होने की बात कही गई है, जबकि CMO के जांच आदेश में दोनों मामलों को मृत्यु से संबंधित बताया गया है। ऐसे में सात सदस्यीय समिति की जांच से घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियों और मरीजों की स्थिति से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किए जाने की उम्मीद है।
5 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश
समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के साथ सिफारिशें निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति को आदेश जारी होने के पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन समिति के साथ सहयोग कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का फोकस संबंधित मरीजों के उपचार की प्रक्रिया, संभावित Medical Lapses और किसी भी प्रकार की लापरवाही या Treatment Delay की भूमिका पर रहेगा। समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन मामलों में किसी Medical Negligence की पुष्टि होती है या नहीं और आगे किस तरह की कार्रवाई की आवश्यकता होगी।
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पहले भी जांच के घेरे में मामला
यह जांच Srinagar में Private Healthcare Facilities से जुड़े मरीजों की मौत के मामलों को लेकर बढ़ी प्रशासनिक निगरानी के बीच सामने आई है। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले भी एक Private IVF Centre में Hysteroscopy के बाद एक महिला की मौत का मामला जांच के दायरे में आया था। हालांकि, मौजूदा Medlyn Hospital मामले में किसी Medical Negligence या Treatment Lapse को अभी जांच से पहले तथ्य के रूप में नहीं माना गया है। सात सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के बाद ही संबंधित उपचार और घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। फिलहाल प्रशासन का जोर तथ्यों की जांच, जिम्मेदारी तय करने और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाने पर है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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