नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026
NEET UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) ने दिल्ली की स्पेशल कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में एक सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था National Testing Agency (NTA) के अपने ही तीन विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) ने पैसों के लालच में गोपनीय प्रश्न पत्र लीक किए थे। यह पूरा मामला एक सोची-समझी बहु-राज्यीय आपराधिक साजिश (Multi-State Criminal Conspiracy) का हिस्सा था, जिसमें कोचिंग संचालकों, दलालों और NTA पैनल के विशेषज्ञों की मिलीभगत पाई गई है।
NTA के 3 एक्सपर्ट्स सहित 13 आरोपियों के नाम
सीबीआई द्वारा Rouse Avenue कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें NTA के तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स शामिल हैं। इनमें Botany एक्सपर्ट Manisha Gurunath Mandhare, Chemistry एक्सपर्ट Prahlad Vithalrao Kulkarni और Physics एक्सपर्ट Manisha Sanjay Havaldar का नाम प्रमुख है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इन तीनों ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए परीक्षा से पहले गोपनीय प्रश्नपत्रों तक अवैध पहुंच बनाई और उन्हें बिचौलियों के माध्यम से आगे फैलाया। इन विशेषज्ञों के अलावा चार्जशीट में कोचिंग सेंटर मालिक Shivraj Motegaonkar, Dr. Manoj Shirure, Tejas Shah और बिचौलिए Shubham Khairnar समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
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पुणे के एक्सेस कंट्रोल ऐप और फॉरेंसिक सबूतों से खुला राज
सीबीआई की जांच में डिजिटल फॉरेंसिक सबूतों ने बेहद अहम भूमिका निभाई है। पुणे स्थित एक आवासीय सोसाइटी के एक्सेस कंट्रोल ऐप (Access Control App) के रिकॉर्ड से पता चला कि NTA एक्सपर्ट Prahlad Kulkarni के फ्लैट पर परीक्षा से कुछ दिन पहले कई छात्र और उनके अभिभावक स्पेशल कोचिंग के लिए आए थे। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन और पेन ड्राइव से बरामद व्हाट्सएप (WhatsApp) व टेलीग्राम (Telegram) चैट से प्रश्नपत्रों के आदान-प्रदान की पुष्टि हुई है। फॉरेंसिक जांच में पाया गया कि लीक हुए केमिस्ट्री के सवालों में से 85 प्रतिशत तक सवाल NTA के ऑफिशियल मास्टर क्वेश्चन सेट से हूबहू मैच कर गए, जिन्हें परीक्षा से कई दिन पहले ही शेयर कर दिया गया था।
10 करोड़ तक जुर्माना और उम्रकैद की सजा का प्रावधान
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ कानून की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 की धारा 316(5) के तहत लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात, Prevention of Corruption Act और Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 की धाराएं लगाई गई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, BNS की धारा 316(5) के तहत दोष सिद्ध होने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद (Life Imprisonment) तक की सजा हो सकती है। वहीं सार्वजनिक परीक्षा कानून, 2024 की धारा 11 के तहत आरोपियों को 7 से 10 साल की जेल और न्यूनतम ₹10 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है।
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परीक्षा प्रणाली में कमियों का फायदा उठाकर लीक किए सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि NTA के दिल्ली स्थित ओखला कार्यालय में पेपर तैयार करने और अनुवाद (Translation) के दौरान सुरक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां थीं। विशेषज्ञों ने इसी का फायदा उठाया और होटल के कमरों व घर लौटने के बाद अपनी याददाश्त और रफ नोट्स की मदद से प्रश्न पत्र दोबारा तैयार किए। इसके बाद इन प्रश्नों को विभिन्न कोचिंग संचालकों को लाखों रुपये में बेचा गया। सीबीआई ने बताया कि इस पूरी साजिश में लाखों रुपये का वित्तीय लेन-देन हुआ, जहां एक आरोपी ने पेपर के बदले अपने मूल शैक्षणिक दस्तावेज और साइन किया हुआ ब्लैंक चेक तक सिक्योरिटी के तौर पर जमा कराया था।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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