नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026
भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को आधुनिक Artificial Intelligence (AI) के साथ जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। AYUSH Ministry और IndiaAI Mission के बीच Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य AI-driven Innovation, Research, Digital Health, औषधीय पौधों पर अध्ययन, Drug Administration और Capacity Building को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत AYUSH Ministry अब AIKosh Platform से जुड़ेगा, जहां स्वास्थ्य अनुसंधान से संबंधित योग्य Datasets, Metadata, AI Models और Toolkits साझा किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे पारंपरिक चिकित्सा को अधिक वैज्ञानिक, तकनीक आधारित और भविष्य के लिए तैयार बनाने में मदद मिलेगी।
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AIKosh Platform पर साझा होगा Data
समझौते के तहत AYUSH Ministry अपने स्वास्थ्य अनुसंधान से जुड़े योग्य Datasets, Metadata, AI Models, Toolkits और अन्य उपयोगी सामग्री AIKosh Platform पर उपलब्ध कराएगा। इससे शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा डिजिटल इकोसिस्टम मिलेगा। सरकार के अनुसार, इस पहल से Evidence-Based Research को बढ़ावा मिलेगा और AYUSH क्षेत्र के लिए AI आधारित नए समाधान विकसित करने में तेजी आएगी। साथ ही विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा और स्वास्थ्य अनुसंधान से जुड़े डेटा का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
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Research और Digital Health को मिलेगा Boost
AYUSH Ministry की संयुक्त सचिव एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. कविता जैन ने कहा कि AYUSH प्रणाली में Artificial Intelligence का समावेश साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, Knowledge Management और Innovation के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने कहा कि IndiaAI के साथ यह सहयोग Research, Medicinal Plants, Drug Administration और Capacity Building जैसे क्षेत्रों में AI तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देगा। इससे AYUSH प्रणाली अधिक Technology-driven बनेगी और भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेगी।
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IndiaAI ने बताई साझेदारी की अहमियत
IndiaAI Mission के Chief Operating Officer और MeitY के संयुक्त सचिव सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार यह समझौता AIKosh Platform को पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण Data से समृद्ध करेगा। इससे शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को AI आधारित समाधान विकसित करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर विश्लेषण, नवाचार और तकनीक आधारित विकास को भी गति देगी।
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Ayush Grid करेगा AI Integration
Ayush Grid के OSD नमन गोयल ने कहा कि AYUSH क्षेत्र के Digital Transformation को गति देने के लिए AI आधारित प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस साझेदारी के तहत AYUSH संस्थानों को IndiaAI Initiative के माध्यम से रियायती दरों पर GPU-based High Performance Computing Infrastructure उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बड़े स्तर पर AI आधारित Research, Data Analysis और Advanced Applications को विकसित करने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं और पारंपरिक चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के उपयोग को नई दिशा देगी।
Future-Ready बनेगा AYUSH System
सरकार के अनुसार यह साझेदारी केवल तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। AI आधारित अनुसंधान, डिजिटल डेटा प्रबंधन और आधुनिक कंप्यूटिंग सुविधाओं के जरिए AYUSH प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और नवाचार केंद्रित बनाया जाएगा। इससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक आधारित विकास को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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