Measles (खसरा) दुनिया की सबसे संक्रामक Viral Diseases में से एक मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी शुरुआत अक्सर तेज बुखार, लगातार खांसी, नाक बहना और आंखों के लाल होने जैसे सामान्य लक्षणों से होती है। इसके कुछ दिनों बाद चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर लाल चकत्ते या दाने फैल सकते हैं। कई मामलों में मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे, जिन्हें Koplik Spots कहा जाता है, भी दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षण सामान्य Viral Infection जैसे लग सकते हैं, इसलिए समय पर पहचान और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
हवा के जरिए तेजी से फैलता है Virus
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक Measles Virus संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस लेने के दौरान हवा में फैल सकता है। वायरस कई घंटों तक हवा और सतहों पर सक्रिय रह सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी व्यक्ति ने पहले Vaccine नहीं लगवाई है या उसे पहले संक्रमण नहीं हुआ है, तो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर उसके संक्रमित होने की संभावना काफी अधिक रहती है। भीड़भाड़ वाले स्थानों, स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर संक्रमण तेजी से फैल सकता है, इसलिए लक्षण दिखाई देने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
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MMR Vaccine सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय
World Health Organization (WHO) और Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, MMR Vaccine (Measles, Mumps and Rubella) खसरे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। विशेषज्ञों का कहना है कि Vaccine की निर्धारित दोनों डोज़ लेने से गंभीर संक्रमण और उससे होने वाली जटिलताओं का खतरा काफी कम हो जाता है। जिन क्षेत्रों में टीकाकरण का दायरा मजबूत होता है, वहां Measles के बड़े प्रकोप की संभावना भी कम रहती है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से समय पर बच्चों का टीकाकरण पूरा कराने और Vaccination Schedule का पालन करने की अपील करता है।
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किन लोगों को ज्यादा खतरा और क्या रखें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोग और जिन लोगों का टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है, उनमें Measles का खतरा अधिक हो सकता है। संक्रमण से बचने के लिए बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखना, खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना, हाथों की नियमित सफाई करना और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। यदि तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार कमजोरी या गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार और सही देखभाल से जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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