नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026
World Hepatitis Day के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने Hepatitis को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार Viral Hepatitis ऐसी बीमारी है, जो कई मामलों में वर्षों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में बनी रह सकती है और धीरे-धीरे Liver को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। समय पर पहचान और इलाज न होने पर यह बीमारी Liver Cirrhosis, Liver Failure और Liver Cancer जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि Hepatitis A, B, C, D और E वायरस इसके प्रमुख कारण हैं, जबकि Chronic Hepatitis B और C के मरीज लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के भी संक्रमित रह सकते हैं।
किन Warning Signs को न करें Ignore?
विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती चरण में Hepatitis के लक्षण सामान्य Viral Infection जैसे दिखाई दे सकते हैं। इनमें लगातार थकान, कमजोरी, भूख कम लगना, मतली, उल्टी, हल्का बुखार, शरीर में दर्द और पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द शामिल हैं। बीमारी बढ़ने पर आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (Jaundice), गहरे रंग का Urine, हल्के रंग का Stool और पूरे शरीर में खुजली जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि ये लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ने लगें तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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कब तुरंत Medical Help लेना जरूरी है?
डॉक्टरों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को Jaundice, लगातार उल्टी, अत्यधिक थकान, पेट के दाहिने हिस्से में लगातार दर्द, गहरे रंग का Urine, भ्रम की स्थिति (Confusion) या मसूड़ों और नाक से असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए अस्पताल जाना चाहिए। ये संकेत गंभीर Liver Damage या Acute Liver Failure की ओर इशारा कर सकते हैं। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि जिन लोगों का संक्रमित Blood, असुरक्षित Injection, असुरक्षित Sexual Contact, दूषित भोजन या पानी अथवा संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से Exposure हुआ हो, उन्हें लक्षण न होने पर भी Hepatitis की जांच करानी चाहिए।
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Vaccination और Early Diagnosis से बचाव संभव
विशेषज्ञों का कहना है कि Hepatitis A और Hepatitis B से बचाव के लिए Vaccination सबसे प्रभावी उपायों में शामिल है। इसके अलावा सुरक्षित पेयजल का उपयोग, साफ-सफाई का ध्यान रखना, सुरक्षित Blood Transfusion, संक्रमित सुइयों के इस्तेमाल से बचना और समय पर जांच कराना संक्रमण के जोखिम को कम कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने पर उचित इलाज शुरू किया जा सकता है, जिससे Liver को गंभीर नुकसान से बचाने के साथ-साथ संक्रमण के प्रसार को भी रोका जा सकता है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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