Smoking छोड़ चुके लोगों में भी वर्षों बाद Lung Disease का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता। McGill University के शोधकर्ताओं की नई Study में सामने आया है कि Smoking बंद करने के बाद फेफड़ों की कुछ कोशिकाएं सामान्य स्थिति में लौट आती हैं, लेकिन कई कोशिकाओं में ऐसे जैविक बदलाव बने रहते हैं जो लंबे समय तक Lung Disease के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। यह शोध Translational Research Journal में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि Smoking छोड़ना अब भी स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन पूर्व Smokers को नियमित स्वास्थ्य जांच और सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता रहती है।
Lung Cells में मिले स्थायी बदलाव
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने 21 लोगों के फेफड़ों से प्राप्त 1 लाख से अधिक Lung Cells और 40 से ज्यादा Cell Types का विश्लेषण किया। इसमें Never Smokers, Current Smokers और Former Smokers के नमूनों की तुलना की गई। परिणामों में पाया गया कि कुछ Lung Cells ने Smoking छोड़ने के बाद रिकवरी के संकेत दिए, जबकि कई कोशिकाओं में Tissue Structure, Immune Function और Blood Vessel Health से जुड़े Gene Patterns लंबे समय तक बदले हुए मिले। शोधकर्ताओं के अनुसार Former Smokers में कुछ ऐसे Molecular Signatures भी मिले, जो Current Smokers और Never Smokers दोनों से अलग थे।
यह भी पढ़ें: Ebola Vaccine का पहला Human Trial शुरू, दुर्लभ Bundibugyo Strain के खिलाफ दुनिया को मिली नई उम्मीद
![]()
Smoking छोड़ना फिर भी सबसे बेहतर फैसला
शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस Study का उद्देश्य लोगों को निराश करना नहीं, बल्कि यह समझाना है कि Smoking छोड़ने के बाद भी स्वास्थ्य की नियमित निगरानी जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार Current Smokers में Lung Cancer और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है, जबकि Smoking छोड़ने से यह जोखिम काफी कम हो जाता है। हालांकि Former Smokers का जोखिम उन लोगों की तुलना में अधिक बना रह सकता है जिन्होंने कभी Smoking नहीं की। इसलिए नियमित Health Checkup, Lung Screening और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना महत्वपूर्ण माना गया है।
![]()
Study से मिल सकते हैं नए इलाज के संकेत
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह अध्ययन भविष्य में Lung Disease की रोकथाम और उपचार के लिए नई रणनीतियां विकसित करने में मदद कर सकता है। इससे यह समझने में सहायता मिलेगी कि Smoking फेफड़ों की अलग-अलग कोशिकाओं को किस प्रकार प्रभावित करती है और Smoking छोड़ने के बाद कौन-से बदलाव लंबे समय तक बने रहते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि इस दिशा में आगे और बड़े स्तर पर शोध की आवश्यकता है ताकि Former Smokers के लिए अधिक प्रभावी उपचार और रोकथाम की रणनीतियां विकसित की जा सकें।
यह भी पढ़ें: Medical Faculty Regulations 2025 से कैसे दूर होगी शिक्षकों की कमी? संसद में सरकार ने दिया बड़ा जवाब…
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post