पंजाब, 28 जुलाई 2026
पंजाब के Ludhiana Civil Hospital में पिछले 16 महीनों से नियमित Medicine Specialist की नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 300 बेड वाले इस सरकारी अस्पताल में रोजाना 1,500 से 2,000 मरीज Out Patient Department (OPD) में पहुंचते हैं, लेकिन Medicine Department फिलहाल अस्थायी व्यवस्था के सहारे संचालित हो रहा है। अस्पताल प्रशासन लगातार उच्च अधिकारियों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए पत्र लिख रहा है, लेकिन अब तक नियमित तैनाती नहीं हो सकी है।
Promotion के बाद खाली पड़ा पद
अस्पताल में मार्च 2025 तक तैनात एकमात्र नियमित Medicine Specialist डॉ. अमनप्रीत कौर को District Health and Family Welfare Officer के पद पर पदोन्नत कर दिया गया था। उनके स्थानांतरण के बाद से विभाग में किसी नए नियमित विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हुई। वर्तमान में अस्पताल अस्थायी व्यवस्थाओं और अन्य स्रोतों से उपलब्ध विशेषज्ञों की मदद से मरीजों का इलाज कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन स्थिति में अभी तक कोई स्थायी बदलाव नहीं आया है।
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रोजाना 2,000 मरीजों का रहता है दबाव
Ludhiana Civil Hospital जिले के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल में Medicine Specialist के केवल तीन स्वीकृत पद हैं, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि 300 बेड और भारी OPD को देखते हुए इनकी संख्या कम से कम छह होनी चाहिए। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का असर मरीजों की जांच, उपचार और रेफरल प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है। अस्पताल फिलहाल सीमित संसाधनों के साथ स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने का प्रयास कर रहा है।
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Punjab में भी Specialist Doctors की कमी
Ludhiana Civil Hospital की स्थिति राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यापक कमी को भी दर्शाती है। Punjab Civil Medical Services Association (PCMSA) पहले भी नियमित Specialist Doctors की भर्ती में देरी पर चिंता जता चुका है। एसोसिएशन का कहना है कि कई सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी के कारण निजी डॉक्टरों के Empanelment और Deputation जैसी अस्थायी व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमित नियुक्तियों की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
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दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
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