जयपुर, राजस्थान, 13 जुलाई 2026
राजस्थान मेडिकल काउंसिल (Rajasthan Medical Council) ने PCPNDT Act के बार-बार उल्लंघन के आरोपों में एक History-Sheeter डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। परिषद का कहना है कि संबंधित डॉक्टर के खिलाफ पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी थी, लेकिन लगातार नियमों की अनदेखी और गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए यह कठोर निर्णय लिया गया। इस कार्रवाई को चिकित्सा पेशे में जवाबदेही और कानून के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लगातार PCPNDT उल्लंघन बना कार्रवाई की वजह
राजस्थान मेडिकल काउंसिल के अनुसार संबंधित डॉक्टर के खिलाफ PCPNDT Act के तहत कई मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई थी। बार-बार नियमों के उल्लंघन और कानूनी प्रावधानों का पालन न करने के कारण परिषद ने उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित तथ्यों की समीक्षा की। इसके बाद डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन निरस्त करने का फैसला लिया गया। परिषद का कहना है कि चिकित्सा पेशे से जुड़े सभी पंजीकृत चिकित्सकों के लिए कानून का पालन अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Om Birla: आखिर Health Sector को लेकर ऐसा क्या बोले कि हर किसी को जानना चाहिए?
![]()
चिकित्सा पेशे में जवाबदेही पर दिया गया संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि चिकित्सा पेशे में आचार संहिता और कानूनी नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। Rajasthan Medical Council का उद्देश्य केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि चिकित्सा सेवाओं की विश्वसनीयता और मरीजों का भरोसा बनाए रखना भी है। परिषद ने संकेत दिया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
![]()
क्या है PCPNDT Act और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (PCPNDT) Act का उद्देश्य भ्रूण के लिंग निर्धारण पर रोक लगाना और कन्या भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों को रोकना है। इस कानून के तहत किसी भी प्रकार का अवैध लिंग परीक्षण या उससे संबंधित गतिविधियां दंडनीय अपराध हैं। यदि कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य संस्थान बार-बार इस कानून का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह भी पढ़ें: NPPA ने 39 नई दवाओं की Retail Prices तय कीं, Heart, Diabetes और Cancer मरीजों को राहत…
दीपक अरोड़ा
पत्रकार (BAJMC ,LLB )
सोशल मीडिया एवं डिजिटल पत्रकारिता में 6 वर्षों से सक्रिय हैं, स्वास्थ्य, राजनीति, अपराध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग एवं विश्लेषणात्मक लेखन का अनुभव रखते हैं। पिछले तीन वर्षों से मेडिकल रिपोर्टर से जुड़े हैं।
Discussion about this post